April 21, 2026

ऑपरेशन सिंदूर में करारी हार के बाद भी शहबाज शरीफ का झूठा प्रचार, तुर्किए में फिर दोहराया ‘भारत को जवाब’ का दावा

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारी सैन्य नुकसान उठाने के बावजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को जवाब देने के झूठे दावे कर रहे हैं। हाल ही में पाकिस्तान-तुर्किए-अजरबैजान त्रिपक्षीय सम्मेलन के दौरान शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाते हुए अपनी वायुसेना की झूठी तारीफ की और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को ‘फील्ड मार्शल’ बताते हुए मीटिंग के बीच खड़ा कर दिया। शहबाज ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर हमला किया और उसकी वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई में भारत के छह एयरक्राफ्ट गिरा दिए, जबकि जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है। सूत्रों के मुताबिक इस अभियान में पाकिस्तान को बुरी तरह पीछे हटना पड़ा और भारतीय सेना ने मुरीदके और नूरखान एयरबेस जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों पर जबरदस्त कार्रवाई करते हुए भारी नुकसान पहुंचाया।

 

सम्मेलन में शहबाज शरीफ ने सिर्फ सैन्य दावे ही नहीं किए, बल्कि पहलगाम आतंकी हमले जैसे गंभीर मसले पर भी सफेद झूठ बोला। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी और इसके पीछे पाकिस्तान से संचालित आतंकी समूहों की भूमिका को लेकर कई पुख्ता संकेत मिले, फिर भी शहबाज ने अपने भाषण में पाकिस्तान को ‘शांति प्रिय’ देश बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत कोई भी विश्वसनीय सबूत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पेश नहीं कर पाया है और न ही किसी तटस्थ जांच के लिए तैयार हुआ है। यह बयान न सिर्फ तथ्यों से परे है, बल्कि भारत द्वारा बार-बार उठाए गए सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े गंभीर मसलों की भी अनदेखी करता है।

 

रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि शहबाज शरीफ ने खुद स्वीकार किया था कि पाकिस्तान ने भारत पर फज्र की नमाज के बाद हमला करने की योजना बना ली थी, लेकिन भारतीय सेना ने पहले ही सक्रिय प्रतिक्रिया देकर पाकिस्तान के मंसूबों को विफल कर दिया। जवाबी कार्रवाई में भारतीय वायुसेना ने न केवल पाकिस्तानी एयरबेस को निशाना बनाया, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में भी पाकिस्तानी सैन्य गतिविधियों को रोकते हुए उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इसके बावजूद शहबाज शरीफ विदेश दौरों पर जाकर पाकिस्तानी आर्मी चीफ की झूठी तारीफें कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने झूठा प्रचार फैला रहे हैं।

 

इस घटनाक्रम से साफ है कि पाकिस्तान, खासकर उसकी नेतृत्वकारी राजनीतिक और सैन्य व्यवस्था, सच्चाई स्वीकारने के बजाय झूठ और भ्रम फैलाने की नीति पर चल रही है। भारत की ओर से अब तक इस सम्मेलन में दिए गए भाषणों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे पाकिस्तान की बौखलाहट और अंतरराष्ट्रीय छवि बचाने की नाकाम कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर की सच्चाई को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां पहले ही चिन्हित कर चुकी हैं, ऐसे में पाकिस्तान का यह रवैया उसके विश्वसनीयता संकट को और गहरा करता है।

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