भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा अब मैदान से बाहर निवेश के खेल में भी सुर्खियां बटोर रहे हैं। टेक्सटाइल सेक्टर की स्मॉलकैप कंपनी स्वराज सूटिंग में उनका निवेश चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पिछले पांच सालों में 900 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न देकर मल्टीबैगर साबित हो चुकी यह कंपनी अब एक बार फिर सुर्खियों में है, क्योंकि इसके प्रेफरेंशियल इश्यू में क्रिकेट जगत की बड़ी हस्तियाँ निवेश कर रही हैं। रोहित शर्मा के साथ युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा, श्रेयस अय्यर के पिता संतोष अय्यर और KKR के कोच अभिषेक नायर का नाम भी निवेशकों की सूची में शामिल है। कंपनी द्वारा जारी दस्तावेजों के अनुसार, इन सभी को 11,000-11,000 शेयर अलॉट होने वाले हैं, जिससे बाज़ार में इस डील को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
स्वराज सूटिंग ने कुल 43,76,500 शेयर जारी करने का प्रस्ताव रखा है, जिनकी कीमत 236 रुपये प्रति शेयर तय की गई है। अगर यह प्रस्ताव शेयरधारकों और नियामकों से मंजूरी हासिल कर लेता है, तो कंपनी करीब 103.28 करोड़ रुपये जुटा लेगी। इस फंड का उपयोग कंपनी अपने विस्तार, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए व्यवसायिक अवसरों पर खर्च करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही कंपनी ने 67,97,000 वारंट जारी करने की भी योजना बनाई है, जिनके शेयरों में बदलने के बाद कंपनी की कुल पूंजी में काफी बढ़ोतरी होगी। कंपनी ने उधारी सीमा बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये करने की भी मांग रखी है, जो संकेत देता है कि आने वाले समय में वह बड़े पैमाने पर विस्तार की तैयारी में है।
शेयर बाजार में स्वराज सूटिंग का प्रदर्शन निवेशकों के लिए किसी बड़े अवसर से कम नहीं रहा है। 27 नवंबर को भी क्रिकेटरों के निवेश की खबर के बाद शेयर में तेजी देखी गई और यह 2.54% चढ़कर 279 रुपये पर पहुंच गया। पिछले एक महीने में स्टॉक ने लगभग 44% की छलांग लगाई है, जबकि पिछले पांच सालों में इसने लगभग 900% रिटर्न दिया है। कंपनी का ROE 24.12% और P/E रेश्यो 17.89 है, जो इसे वैल्यू और परफॉर्मेंस के लिहाज से मजबूत बनाता है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि कंपनी का विस्तार प्लान सफल रहा, तो यह टेक्सटाइल सेक्टर के शीर्ष स्मॉलकैप्स में से एक बन सकती है।
स्वराज सूटिंग मुख्य रूप से टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग में सक्रिय है। कंपनी डेनिम और कॉटन फैब्रिक बनाती है, जिसका उपयोग जींस, बॉटमवियर और होम टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स में किया जाता है। इस कंपनी की खासियत यह है कि इसके अधिकांश उत्पादन चरण इन-हाउस किए जाते हैं—धागे की रंगाई से लेकर कपड़े की बुनाई और उसकी फिनिशिंग तक सब कुछ इसके कारखानों में ही पूरा होता है। इसी वजह से यह कई बड़े फैशन और टेक्सटाइल ब्रांड्स को निरंतर सप्लाई करती है और बाज़ार में एक स्थिर पहचान रखती है।
हालाँकि इस खबर ने निवेशकों में उत्साह बढ़ाया है, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी स्मॉलकैप कंपनी में निवेश करने से पहले जोखिमों को समझना जरूरी है। स्मॉलकैप कंपनियों में उतार-चढ़ाव तेज होता है और उनके बिजनेस पर बाज़ार की स्थिति का बड़ा असर पड़ता है। कंपनी का पिछला प्रदर्शन आकर्षक है, लेकिन भविष्य में लाभ की संभावना हमेशा बाज़ार परिस्थितियों और कंपनी की रणनीति पर निर्भर करती है। इसलिए निवेशक इस तरह की खबरों को सिर्फ संकेत के रूप में देखें और कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।
Share this content:
