May 2, 2026

1 सितंबर से बदलेगा नियम: चांदी के गहनों पर होगी हॉलमार्किंग, नकली और असली की पहचान होगी आसान

सरकार ने चांदी के गहनों की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 1 सितंबर 2025 से चांदी की ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग का नया नियम लागू होगा। हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल स्वैच्छिक रखी गई है, यानी ग्राहक चाहें तो हॉलमार्क वाली ज्वेलरी खरीद सकते हैं या बिना हॉलमार्क वाली भी ले सकते हैं। लेकिन माना जा रहा है कि लोग धीरे-धीरे हॉलमार्क वाली चांदी को ही प्राथमिकता देंगे क्योंकि यह गुणवत्ता की गारंटी देगा।

 

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने इस नई व्यवस्था के तहत चांदी की शुद्धता के लिए छह स्तर तय किए हैं – 800, 835, 900, 925, 970 और 990। हर गहने पर एक यूनिक छह अंकों का हॉलमार्क यूनिक आईडी (HUID) दर्ज होगा। ग्राहक BIS Care App के जरिए इस HUID नंबर को आसानी से स्कैन कर गहनों की शुद्धता और असली होने की पुष्टि कर सकेंगे। इससे नकली और धोखाधड़ी वाले गहनों पर बड़ी रोक लगेगी।

 

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा ग्राहकों को मिलने वाला है। अब वे यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि उनके द्वारा खरीदी गई चांदी वही गुणवत्ता लिए हुए है जिसके लिए उन्होंने भुगतान किया है। साथ ही, नकली और मिलावटी गहनों से बचाव आसान हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ज्वेलरी बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।

 

सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग पहले से लागू है और ग्राहकों ने इसे सकारात्मक रूप से अपनाया है। अब उसी तर्ज पर चांदी के गहनों में भी यह नियम लागू किया जा रहा है। उद्योग जगत का मानना है कि इससे नकली उत्पादों की बिक्री कम होगी और असली व गुणवत्तापूर्ण ज्वेलरी की मांग में बढ़ोतरी होगी।

 

कुल मिलाकर, यह फैसला न सिर्फ ग्राहकों को भरोसा देगा बल्कि ज्वेलरी कारोबार में भी ईमानदारी और पारदर्शिता को मजबूत करेगा। 1 सितंबर से लागू होने वाले इस नियम के बाद चांदी की खरीददारी और भी सुरक्षित और आसान हो जाएगी।

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