April 17, 2026

आगरा में सपा सांसद के घर पर हंगामा, लखनऊ में सपाइयों का प्रदर्शन – अखिलेश का CM पर तंज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान चढ़ गया है। राजधानी लखनऊ के अटल चौक पर गुरुवार को समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार पर दलितों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सड़क पर हंगामा किया।

आगरा में सपा सांसद रामजी लाल सुमन के घर के सामने हुए हंगामे और तोड़फोड़ को लेकर भी सपाइयों में जबरदस्त आक्रोश देखा गया। इस घटना ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लखनऊ में अटल चौक पर सपाइयों का प्रदर्शन, पुलिस ने कई हिरासत में लिए

गुरुवार सुबह समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष की अगुवाई में सपा कार्यकर्ता अटल चौक पर इकट्ठा हुए। हाथों में बैनर और पोस्टर लिए ये कार्यकर्ता योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनका आरोप था कि प्रदेश में दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़ गया है और सरकार इसमें मूकदर्शक बनी हुई है।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। स्थिति बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और बाकी को ईको गार्डन भेज दिया गया। हालांकि, सपा कार्यकर्ता इस कार्रवाई से और ज्यादा भड़क गए।

आगरा में सपा सांसद के घर पर तोड़फोड़ – “CM की मौजूदगी में घटना, फिर भी चुप्पी क्यों?”

लखनऊ में जहां सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे, वहीं आगरा में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण बने। सपा सांसद रामजी लाल सुमन के घर के सामने कुछ लोगों ने हंगामा किया और तोड़फोड़ की। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद आगरा में मौजूद थे।

सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में अगर एक सांसद के घर पर हमला हो सकता है, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या हाल होगा? इस घटना से सपा समर्थकों में भारी आक्रोश है और वे इसे दलित विरोधी मानसिकता का परिणाम बता रहे हैं।

अखिलेश यादव ने एक्स पर साधा सीधा निशाना – “क्या CM की कोई नहीं सुनता?”

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना को लेकर योगी सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

अखिलेश यादव ने लिखा:
“आगरा में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पीडीए के एक सांसद के घर पर तोड़फोड़ और हिंसक वारदात हुई। जब सीएम के रहते इसे नहीं रोका जा सका, तो फिर जीरो टॉलरेंस की बात ही बेमानी है।”

उन्होंने सवाल किया कि क्या अब मुख्यमंत्री की स्थिति इतनी कमजोर हो गई है कि उनकी मौजूदगी में भी कानून व्यवस्था ध्वस्त हो रही है? अखिलेश यादव ने आगे कहा कि अगर मुख्यमंत्री सच में सत्ता में हैं, तो दोषियों की तुरंत पहचान कर कार्रवाई करें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कार्रवाई नहीं होती है, तो यह मान लिया जाएगा कि मुख्यमंत्री की शह पर ही यह घटना हुई है।

क्या यह घटना सियासी तूफान का संकेत है?

आगरा में हुई इस घटना और लखनऊ में सपाइयों के आक्रोश ने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

सवाल यह है कि क्या योगी सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी, या फिर सपा इसे एक बड़े सियासी मुद्दे में तब्दील कर देगी?

आगामी लोकसभा चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं क्या प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ लाएंगी? यह देखना दिलचस्प होगा कि योगी सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और विपक्ष इसे कितनी दूर तक ले जाता है।

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