April 17, 2026

सीएम योगी ने 283 चिकित्सा अधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र – बोले, ‘8 साल में 8.5 लाख नौकरियां दीं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार युवाओं को रोजगार देने के अपने वादे को पूरा करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयुष विभाग के 283 चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में राज्य में 8.5 लाख से अधिक युवाओं को नौकरियां दी गई हैं, और ये सभी नियुक्तियां पूरी पारदर्शिता के साथ हुई हैं।

राजधानी लखनऊ के लोक भवन ऑडिटोरियम में आयोजित इस समारोह में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पाने वाले चिकित्सा अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि शासकीय नौकरी मिलना किसी भी युवा के लिए उनके सपनों को उड़ान देने जैसा है।

“8 साल में 8.5 लाख नौकरियां, सब कुछ पारदर्शी तरीके से हुआ” – सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ने पिछले आठ वर्षों में 8.5 लाख नौकरियां दी हैं, और ये सभी नियुक्तियां पूरी पारदर्शिता के साथ की गई हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी प्रक्रिया में अनियमितता होती, तो मामले अदालतों में जाते।

इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा चयनित 163 चिकित्सकों, 3 प्रोफेसरों और 96 लैब टेक्नीशियनों को नियुक्ति पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए आयोग को बधाई दी।

“पहले भर्तियों में अनियमितता थी, हमारी सरकार में सब पारदर्शी”

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताएं थीं। कई नियुक्तियों पर अदालत में मामले लंबित रहते थे और हाईकोर्ट तक ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। लेकिन, वर्तमान सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को रोजगार दिया है।

योगी ने नियुक्त हुए चिकित्सा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आपकी नियुक्ति न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समाज की सेवा करने का एक बड़ा अवसर भी है।”

“आयुष के माध्यम से आरोग्यता संभव”

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आयुष चिकित्सा पद्धति की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि आयुष के जरिए आरोग्यता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम चला रही है।

मुख्यमंत्री ने महाकुंभ का उदाहरण देते हुए बताया कि “हमने तकनीक का इस्तेमाल कर महाकुंभ को सफल बनाया। अब आयुष का एक अलग मंत्रालय बन चुका है और हम योग को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ा रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि एक समय था जब भारत की सांस्कृतिक विरासत को कमतर आंका जाता था, लेकिन आज पूरा विश्व योग को अपना रहा है।

“तीन नए आयुष मेडिकल कॉलेज बन रहे, यूपी नवाचार का केंद्र”

इस अवसर पर आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि सरकार तीन नए आयुष मेडिकल कॉलेज बना रही है, जिससे प्रदेश में चिकित्सा सुविधाएं और बेहतर होंगी।

उन्होंने कहा कि यूपी आज नवाचार के लिए जाना जाता है। काशी में प्रकृति चिकित्सा केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जहां लोगों को प्रकृति के अनुकूल जीवन जीने की कला सिखाई जाएगी।

मंत्री ने नवचयनित चिकित्सा अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपनी नियुक्ति की शुचिता का पालन करें और समाज की सेवा को अपनी प्राथमिकता बनाएं।

“नौकरी सिर्फ रोजगार नहीं, समाज सेवा का अवसर”

मुख्यमंत्री ने नए चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि सरकारी नौकरी सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। उन्होंने सभी से ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की अपील की।

क्या है सरकार की आगे की योजना?

मुख्यमंत्री ने इशारा किया कि आयुष विभाग में आगे भी नई भर्तियां होंगी और सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

आयुष विभाग में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के जरिए योगी सरकार ने एक बार फिर संदेश दिया कि युवा सशक्तिकरण और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया उनकी प्राथमिकता में है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में योगी सरकार स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में क्या नए कदम उठाती है।

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