14 दिन तक प्यार, फिर आधी रात को लूटकर फरार: राजस्थान में लुटेरी दुल्हन का सनसनीखेज कांड
राजस्थान के सवाई माधोपुर में एक शख्स ने जिंदगी भर की खुशियों के लिए कर्ज लेकर शादी रचाई, लेकिन शादी के महज 14 दिन बाद ही उसकी दुनिया उजड़ गई। जिस दुल्हन को वह अपने जीवन की सबसे बड़ी खुशी समझ रहा था, वही रात के अंधेरे में उसका सबकुछ लेकर फरार हो गई। न सिर्फ पति, बल्कि पूरी फैमिली को नशीला खाना खिलाकर बेहोश किया और फिर नकदी, गहने, मोबाइल सब समेट कर निकल गई।
पीड़ित विष्णु शर्मा, जो ठेला लगाकर अपने परिवार का गुजारा करता है, ने यह शादी बेहद मुश्किल हालातों में की थी। वह रिश्ते न मिलने के कारण लंबे समय से परेशान था। इसी दौरान उसकी मुलाकात दलाल पप्पू मीणा से हुई, जिसने उसे भरोसा दिलाया कि वो एक अच्छी लड़की से उसकी शादी करवाएगा। इसके लिए 2 लाख रुपए की डील हुई। विष्णु ने कर्ज लेकर यह रकम चुकाई और 20 अप्रैल को सवाई माधोपुर के शीतला माता मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से खंडवा (मध्य प्रदेश) की अनुराधा से शादी कर ली।
शादी से ठीक एक दिन पहले यानी 19 अप्रैल को विष्णु की मुलाकात कलेक्ट्रेट में अनुराधा, उसकी कथित मौसी सुनीता यादव और मौसा श्याम राजपूत से करवाई गई। वकील के माध्यम से एक विवाह सहमति पत्र भी तैयार कराया गया, जिसमें अनुराधा ने प्रेम विवाह की बात लिखी थी। शुरुआत में सबकुछ सामान्य और खुशहाल लग रहा था। शादी के बाद 14 दिन तक अनुराधा ने विष्णु और उसके परिवार के साथ खुशी-खुशी समय बिताया, जिससे किसी को भी उस पर शक नहीं हुआ।
लेकिन 3 मई की रात कहानी ने मोड़ लिया। विष्णु ने पुलिस को बताया कि रात को जब पूरा परिवार डिनर के लिए बैठा, तो अनुराधा ने खुद सबको खाना परोसा। मगर उस खाने में उसने कोई नशीला पदार्थ मिला रखा था। जैसे ही परिवार ने खाना खाया, सभी को चक्कर आने लगे और थोड़ी ही देर में सब बेहोश हो गए। रात करीब 2 बजे, जब पूरा परिवार बेसुध पड़ा था, तभी अनुराधा घर से 30 हजार रुपए नकद, करीब 1.25 लाख के सोने-चांदी के गहने और 30 हजार रुपए का मोबाइल लेकर फरार हो गई।
सुबह जब विष्णु और उसके परिजनों को होश आया, तो दुल्हन गायब थी। गहनों से लेकर कैश और मोबाइल तक कुछ भी नहीं बचा था। सदमे में आए विष्णु ने तुरंत मानटाउन थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने अनुराधा के अलावा दलाल पप्पू मीणा, सुनीता यादव और श्याम राजपूत के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
विष्णु ने बताया कि मोबाइल भी उसने अपने दोस्त से उधार लिया था, जिसे दुल्हन चुरा ले गई। शादी के गहने भी कर्ज लेकर बनवाए थे। विष्णु की कहानी सुनकर पुलिस भी हैरान है कि किस तरह एक सुनियोजित योजना के तहत दुल्हन ने पूरी फैमिली को निशाना बनाया।
ये मामला सिर्फ एक शादी की धोखाधड़ी नहीं, बल्कि एक ऐसे संगठित गिरोह की कहानी है, जो भोले-भाले लोगों को प्यार और रिश्तों के नाम पर ठग रहा है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की घटनाओं के पीछे एक नेटवर्क काम कर रहा है, जिसमें दलाल, फर्जी रिश्तेदार और झूठे दस्तावेजों का सहारा लिया जाता है।
फिलहाल पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुटी है, और पूरे मामले की जांच जारी है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर लुटेरी दुल्हनों के गिरोह की खौफनाक सच्चाई को उजागर कर दिया है।
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