रायपुर में खेले गए दूसरे वनडे में भारतीय टीम ने भले ही बड़ा स्कोर खड़ा किया हो, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए भारत को चार विकेट से हराया और तीन मैचों की इस सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया। भारत की ओर से विराट कोहली और ऋतुराज गायकवाड़ ने बेहतरीन शतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, लेकिन आखिरी के ओवरों में रन गति रुकने से भारत 370 के आस-पास का स्कोर बनाने से चूक गया, जिसका फायदा दक्षिण अफ्रीका ने पूरी तरह उठाया।
भारतीय पारी की शुरुआत अच्छी रही और मध्य ओवरों में कोहली और गायकवाड़ की साझेदारी ने टीम को संभाला। विराट कोहली ने अपने करियर का 46वां वनडे शतक जमाया, जबकि ऋतुराज गायकवाड़ ने अपना पहला वनडे शतक जड़कर सभी का ध्यान खींचा। कप्तान केएल राहुल ने भी धैर्यपूर्ण अर्धशतक लगाकर स्कोर को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। टीम एक समय 370–375 के बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी, मगर दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने डेथ ओवरों में कसी हुई गेंदबाज़ी कर भारत की गति को धीमा कर दिया। कुछ लगातार मेडन ओवरों और रन न बनने की वजह से भारत वह स्कोर हासिल नहीं कर पाया, जो मैच में निर्णायक हो सकता था।
दक्षिण अफ्रीका की रनचेज़ बेहद सधी हुई दिखाई दी। शुरुआती झटकों के बाद एडेन मार्करम ने जबर्दस्त जिम्मेदारी निभाई और एक शानदार शतकीय पारी खेलकर मैच का पूरा रुख बदल दिया। उनकी पारी में शानदार टाइमिंग, बेहतरीन शॉट सिलेक्शन और दबाव में टिके रहने का गुण साफ दिखाई दिया। भारतीय गेंदबाज़ों ने शुरुआती ओवरों में अच्छी लाइन-लेंथ रखी थी, लेकिन बीच के ओवरों में विकेट न मिलना टीम के लिए भारी पड़ा। मार्करम के साथ अन्य बल्लेबाज़ों ने भी छोटी लेकिन उपयोगी पारियां खेलकर जीत की नींव मजबूत की।
रनचेज़ के दौरान भारत को कई मौकों पर विकेट लेने का मौका मिला, लेकिन फील्डिंग में कुछ चूक और गेंदबाज़ी में विकेट निकालने की कमी टीम पर भारी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने निर्धारित ओवरों से चार गेंद पहले ही लक्ष्य हासिल कर लिया। एडेन मार्करम को उनकी बेहतरीन शतकीय और मैच जिताऊ पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। भारतीय टीम अब तीसरे और निर्णायक मुकाबले में जीत के इरादे से उतरेगी, जहां दोनों टीमें सीरीज अपने नाम करने के लिए जोरदार मुकाबला करेंगी।
इस मुकाबले ने साफ कर दिया कि विशाल स्कोर बनाने के लिए सिर्फ शुरुआत नहीं, बल्कि अंत तक लगातार रन बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। भारतीय बल्लेबाजी ने जहां चमक दिखाई, वहीं डेथ ओवरों की धीमी रन गति और गेंदबाज़ी में कमी टीम को भारी पड़ गई। तीसरे मैच में भारत किन सुधारों के साथ मैदान में उतरता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
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