आज ग्लोबल स्टार के तौर पर पहचान बना चुकीं प्रियंका चोपड़ा ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। अभिनय, आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर उन्होंने बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक लंबा सफर तय किया, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था। करियर की शुरुआत में उन्हें न सिर्फ संघर्ष करना पड़ा, बल्कि एक फिल्म के सेट पर सबके सामने ऐसी बात भी सुननी पड़ी, जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। यह वाकया उनके करियर के शुरुआती दौर का है, जब उन्हें डांस को लेकर सख्त आलोचना और बेइज्जती का सामना करना पड़ा था।
प्रियंका चोपड़ा का जन्म 18 जुलाई 1982 को झारखंड के जमशेदपुर में हुआ था। महज 18 साल की उम्र में साल 2000 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीतकर उन्होंने भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया। इसके बाद फिल्मों में कदम रखा और साल 2002 में एक साउथ फिल्म से एक्टिंग की शुरुआत की। बॉलीवुड में उनका आगमन हुआ, लेकिन शुरुआती दिनों में न तो उन्हें एक्टिंग का ज्यादा अनुभव था और न ही डांस में वो उतनी पारंगत थीं, जितनी उस दौर की फिल्मों के लिए जरूरी मानी जाती थी। यही कमी एक वक्त पर उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई।
यह किस्सा साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म ‘अंदाज’ के सेट से जुड़ा है, जिसमें प्रियंका चोपड़ा के साथ अक्षय कुमार और लारा दत्ता नजर आई थीं। प्रियंका ने खुद एक इंटरव्यू में इस घटना का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि फिल्म के एक डांस सीन के दौरान वह स्टेप्स सही तरीके से नहीं कर पा रही थीं और उस सीन के लिए उन्हें करीब 40 रीटेक देने पड़े थे। इसी दौरान मशहूर कोरियोग्राफर दिवंगत सरोज खान के बेटे राजू खान, जो उस फिल्म में कोरियोग्राफर थे, उन्होंने प्रियंका से ऐसा कह दिया, जिसे वह कभी नहीं भूल पाईं। कथित तौर पर उनसे कहा गया, “तुम मिस वर्ल्ड हो तो क्या, यहां डांस करना आना चाहिए।”
यह बात प्रियंका के दिल पर लग गई। सेट पर सबके सामने कही गई यह टिप्पणी उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली थी। हालांकि उस वक्त उन्होंने कोई तर्क-वितर्क नहीं किया, लेकिन उन्होंने अंदर ही अंदर खुद से एक वादा जरूर कर लिया। प्रियंका ने तय किया कि वह अपनी इस कमजोरी को अपनी ताकत में बदलेंगी। इसके बाद उन्होंने डांस को गंभीरता से लेना शुरू किया और लगातार 6-6 घंटे तक ट्रेनिंग ली। उन्होंने न सिर्फ स्टेप्स पर मेहनत की, बल्कि अपनी बॉडी लैंग्वेज, एक्सप्रेशन और स्टैमिना पर भी काम किया।
समय के साथ उनकी मेहनत रंग लाई। बाद की फिल्मों में प्रियंका चोपड़ा ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक अच्छी एक्ट्रेस ही नहीं, बल्कि बेहतरीन डांसर भी हैं। ‘देसी गर्ल’ जैसे गानों से लेकर बड़े स्टेज परफॉर्मेंस तक, उन्होंने हर बार खुद को बेहतर साबित किया। यह किस्सा आज भी इस बात की मिसाल माना जाता है कि आलोचना अगर दिल से ली जाए और उसे आत्मविकास का जरिया बना लिया जाए, तो वही बेइज्जती आगे चलकर सफलता की सबसे मजबूत सीढ़ी बन सकती है।
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