दिल्ली सरकार ने त्योहारों से पहले राजधानी के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में कैबिनेट ने होली और दीपावली के मौके पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत दिल्ली के करीब 17.5 लाख राशन कार्ड धारकों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार की यह पहल न सिर्फ महंगाई के दौर में आम जनता को राहत देगी, बल्कि यह उस चुनावी वादे की भी पूर्ति मानी जा रही है, जिसे सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत में जनता से किया था।
इस योजना के लिए दिल्ली सरकार ने कुल 242 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। सरकार सिलेंडर सीधे उपलब्ध कराने के बजाय लाभार्थियों के बैंक खातों में 853 रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए भेजेगी। यह राशि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की मौजूदा कीमत के अनुरूप तय की गई है, ताकि लाभार्थी समय पर गैस सिलेंडर रिफिल करा सकें। सरकार का मानना है कि डीबीटी व्यवस्था से पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी तरह की बिचौलिया व्यवस्था खत्म होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले को दिल्ली के परिवारों के लिए एक बड़ी सौगात बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार आज एक वादा पूरा कर रही है और आगे भी इसी तरह जनता से किए गए सभी वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। सीएम के मुताबिक, त्योहारों के समय रसोई का खर्च बढ़ जाता है, ऐसे में मुफ्त गैस सिलेंडर की यह पहल गरीब परिवारों के लिए सीधी राहत साबित होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता आम नागरिक की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दिल्ली के समग्र विकास को लेकर सरकार की सोच को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि विकसित दिल्ली का निर्माण हर विधानसभा के विकास से शुरू होता है। इसी उद्देश्य के तहत प्रत्येक विधानसभा के लिए करोड़ों रुपये के फंड जारी किए जा रहे हैं, ताकि बुनियादी सुविधाएं मजबूत हों, इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो और नागरिकों को बेहतर, सुगम और सम्मानजनक सेवाएं मिल सकें। सरकार का फोकस सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों पर है।
जल आपूर्ति को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 में चंद्रावल का नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू होने जा रहा है। यह परियोजना पिछले कई वर्षों से लंबित थी, जिसके कारण इसका बजट लगभग 400 करोड़ रुपये तक बढ़ गया। अब केंद्र सरकार के सहयोग से इस प्रोजेक्ट को गति मिली है। इसके पूरा होने के बाद मॉडल टाउन, सदर बाजार, चांदनी चौक, मटिया महल, बल्लीमारान, करोल बाग, पटेल नगर, राजेंद्र नगर और आरके पुरम समेत कई विधानसभा क्षेत्रों के करीब 30 लाख से अधिक लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्रीय बजट में इस परियोजना के लिए अलग से प्रावधान किया गया है और दिल्ली सचिवालय में संबंधित मंत्रियों व अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी प्रगति की समीक्षा की गई है। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि दिल्लीवासियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। कुल मिलाकर, मुफ्त गैस सिलेंडर योजना और जल परियोजनाएं सरकार के उस एजेंडे को दर्शाती हैं, जिसमें आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है।
Share this content:
