उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से कानून व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। पाली थाना परिसर के अंदर ही एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की अवैध असलहे से गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात उस समय हुई जब महिला पुलिस अभिरक्षा में थाने में मौजूद थी। थाने जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर इस तरह की घटना ने न केवल जिले में हड़कंप मचा दिया, बल्कि पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला हरदोई के पाली थाना क्षेत्र का है। रामापुर अटरिया निवासी अनूप की शादी करीब 17 वर्ष पहले सोनी से हुई थी। बीते 7 जनवरी को सोनी अपने पति को छोड़कर शाहजहांपुर निवासी अपने प्रेमी सुरजीत के साथ फरार हो गई थी। पति की शिकायत के बाद पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की और काफी प्रयासों के बाद उसे बरामद कर लिया गया। बरामदगी के बाद सोनी को पुलिस अभिरक्षा में पाली थाने में रखा गया था, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही थी।
सोमवार सुबह जब सोनी थाने की कैंटीन की ओर भोजन लेने जा रही थी, उसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे पति अनूप ने अचानक अवैध तमंचे से उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगते ही सोनी लहूलुहान होकर थाने परिसर में गिर पड़ी। घटना के बाद थाने में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल घायल महिला को जिला अस्पताल भिजवाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पूरी घटना ने पुलिस महकमे की सतर्कता और सुरक्षा इंतजामों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
वारदात के बाद आरोपी पति अनूप को मौके से ही असलहे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वह पत्नी के प्रेमी के साथ भाग जाने से बेहद नाराज था और इसी गुस्से में उसने हत्या की योजना बनाई। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ हत्या सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह थाने के अंदर हथियार कैसे ले जाने में सफल हुआ।
इस घटना के बाद थाने के बाहर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। हरदोई के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि थाने के भीतर हुई इस बड़ी सुरक्षा चूक को कतई नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि यदि थाने में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है।
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