पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान की घबराहट बढ़ी, भारत के कदम को बताया ‘राजनीति से प्रेरित’
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ती जा रही है। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी और भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि इस नरसंहार में शामिल आतंकियों और साजिशकर्ताओं को उनकी कल्पना से भी अधिक सज़ा दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए आतंकियों को सजा दिलाने की शपथ ली थी। इसके बाद से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को घिरा हुआ महसूस कर रहा है और अब वह वैश्विक संस्थाओं से भारत से बचाव की गुहार लगाने लगा है।
भारत ने शुक्रवार को यह भी संकेत दिया कि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) समेत वैश्विक बहुपक्षीय वित्तीय एजेंसियों से पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक सहायता और ऋण पर पुनर्विचार करने की मांग करेगा। इस बयान ने पाकिस्तान में हलचल मचा दी है, खासकर ऐसे समय में जब 9 मई को IMF का कार्यकारी बोर्ड पाकिस्तान के साथ विस्तारित वित्तपोषण सुविधा (EFF) और मजबूती एवं स्थिरता सुविधा के तहत पहली समीक्षा बैठक करने जा रहा है। पाकिस्तान ने भारत की इस घोषणा को ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया है और कहा है कि यह उसे कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने की भारत की रणनीति का हिस्सा है।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने समाचार पत्र ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ को बताया कि IMF को भारत की मांगों में शामिल करना, भारत के व्यापक राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा है। दूसरी ओर, भारत ने दावा किया है कि पहलगाम हमले में शामिल पांच आतंकियों की पहचान हो चुकी है, जिनमें से तीन पाकिस्तान के नागरिक हैं। पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि भारत के कड़े रुख और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाए गए कदमों ने पाकिस्तान को गहरी चिंता में डाल दिया है।
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