IMF से कार्यकाल पूरा होने से पहले ही बुलाए गए कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन, वजह पर बना रहस्य
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत के कार्यकारी निदेशक (ED) के पद पर कार्यरत अर्थशास्त्री कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यन को भारत सरकार ने उनके तीन साल के कार्यकाल के समाप्त होने से छह महीने पहले ही वापस बुला लिया है। सुब्रमण्यन की यह विदाई 9 मई को होने वाली आईएमएफ की एक अहम बैठक से ठीक पहले हुई है, जिसमें पाकिस्तान को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने पर फैसला होने वाला था। अगस्त 2022 में नियुक्त किए गए सुब्रमण्यन ने 1 नवंबर 2022 को कार्यभार संभाला था। इस दौरान वे भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इससे पहले, वह 2018 से 2021 तक भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं।
सरकार की ओर से उन्हें कार्यकाल खत्म होने से पहले बुलाए जाने की कोई आधिकारिक वजह अब तक सामने नहीं आई है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारों का मानना है कि इसके पीछे दो अहम कारण हो सकते हैं। पहला, आईएमएफ के डेटा सेट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को लेकर सुब्रमण्यन की ओर से जताई गई चिंता, जो वाशिंगटन स्थित IMF अधिकारियों को पसंद नहीं आई। दूसरा संभावित कारण उनकी हालिया किताब India @ 100 को माना जा रहा है, जिसके प्रचार-प्रसार को IMF के भीतर उनके पद के लिहाज़ से अनुचित माना गया। हालांकि इन कारणों की अभी तक सरकारी पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए यह केवल अटकलें मानी जा रही हैं।
Share this content:
