“उसके वादे पे यकीन कैसे करूं?” — पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन पर शशि थरूर का शायराना तंज, भारत में उबाल
भारत और पाकिस्तान के बीच वर्षों से चला आ रहा तनाव एक बार फिर तब बढ़ गया जब पाकिस्तान ने भारत के साथ हाल ही में हुए संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करते हुए नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर रॉकेट दागे। यह घटना ऐसे समय पर हुई जब दोनों देशों के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर सहमति बनी थी। पाकिस्तान की इस हरकत के बाद पूरे भारत में आक्रोश का माहौल है।
घटना के कुछ ही घंटों बाद कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने पाकिस्तान की इस नापाक हरकत पर शायराना अंदाज में तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “उसकी फितरत है मुकर जाने की, उसके वादे पे यकीन कैसे करूं?” उनका यह बयान न केवल पाकिस्तान की वादाखिलाफी की तरफ इशारा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत की जनता और राजनीतिक वर्ग अब इस तरह के विश्वासघातों से ऊब चुका है।
शशि थरूर ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है, लेकिन जब सीमाएं पार की जाती हैं, तो देश को कड़ा संदेश देना ही पड़ता है। उन्होंने आगे कहा, “भारत ने कभी लंबी लड़ाई की इच्छा नहीं जताई, लेकिन हमारी सेना और सरकार ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि हमारी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं होगा। मुझे लगता है कि भारत की जवाबी कार्रवाई से अब एक ठोस संदेश पाकिस्तान और उसके समर्थकों को मिल गया है।”
इस पूरे घटनाक्रम पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी बयान दिया। उन्होंने जानकारी दी कि शनिवार को दोपहर 3:35 बजे पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय समकक्ष को कॉल किया और दोनों देशों के बीच भारतीय मानक समयानुसार शाम 5 बजे से ज़मीन, हवा और समुद्र में सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई और गोलीबारी रोकने की सहमति बनी थी। लेकिन इस सहमति के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान ने अपनी पुरानी आदत पर लौटते हुए संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और एलओसी के पार से रॉकेट दागे।
भारतीय सेना ने भी इस हमले का कड़ा जवाब देते हुए एलओसी पर सक्रियता बढ़ा दी है और सीमा की निगरानी को और सख्त कर दिया गया है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से हुई इस कार्रवाई में भारत की कोई बड़ी क्षति नहीं हुई, लेकिन यह विश्वासघात भारत की शांति प्रयासों के साथ एक गहरा धोखा है।
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की यह चाल शांति वार्ता को कमजोर करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने भ्रम पैदा करने की एक साज़िश हो सकती है। पिछले वर्षों में भी पाकिस्तान ऐसे कई संघर्ष विराम उल्लंघन कर चुका है, जिससे यह साबित होता है कि वह अपने किसी भी वादे पर स्थिर नहीं रहता।
शशि थरूर का शायराना बयान अब देश में चर्चा का विषय बन चुका है और सोशल मीडिया पर भी लोग इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों ने इसे पाकिस्तान की नीयत पर तीखा और सटीक प्रहार बताया है।
भारत सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन अपने देश की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। पाकिस्तान को यह समझना होगा कि उसकी ऐसी हरकतें अब अधिक समय तक बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
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