वाराणसी में सरकारी ईमेल के जरिए बनारस सहित प्रदेश के कई जिलों के कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया। धमकी की जानकारी मिलते ही सुरक्षा बलों ने कोर्ट परिसर में तैनाती बढ़ा दी और प्रवेश द्वारों पर सख्त सुरक्षा जांच शुरू कर दी। इस बीच वाराणसी कोर्ट के आसपास के क्षेत्र और मुख्य मार्गों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।
घटना के बाद गाजीपुर में भी कोर्ट सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। पुलिस और अन्य सुरक्षा अधिकारी कोर्ट परिसर में पहुंचे और पूरे परिसर की गहनता से तलाशी ली। आने-जाने वाले लोगों के साथ-साथ उनके साथ लाए गए सामानों की भी जांच की गई। इसमें विशेष रूप से किसी भी संदिग्ध वस्तु को नजरअंदाज नहीं किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने के लिए अलग-अलग पॉइंट्स पर पुलिस की तैनाती की गई।
क्षेत्राधिकारी सदर शेखर सेंगर ने बताया कि कोर्ट परिसर में नियमित जांच होती रहती है, लेकिन इस बार वाराणसी सहित अन्य कोर्ट को मिली धमकी के मद्देनजर सुरक्षा जांच विशेष रूप से सतर्कता के साथ की गई। उन्होंने कहा कि आज की जांच सामान्य गहनता से कहीं अधिक थी और हर संभावित खतरे की समीक्षा की गई। प्रशासन का लक्ष्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और न्यायिक कार्यवाही को सुरक्षित बनाना है।
शेखर सेंगर ने यह भी बताया कि जांच के दौरान कोर्ट परिसर में आने-जाने वाले सभी व्यक्तियों और उनके सामानों की विस्तार से जांच की गई। पुलिस ने प्रवेश द्वार पर विशेष उपकरणों का उपयोग किया और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति को तुरंत चिन्हित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सुरक्षा जांच नियमित रूप से की जाती है, लेकिन धमकी के चलते सतर्कता का स्तर बढ़ा दिया गया है।
प्रशासन का मानना है कि ऐसी घटनाओं से न केवल न्यायिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं, बल्कि आम लोगों और कोर्ट कर्मियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। इसलिए वाराणसी और गाजीपुर सहित सभी संबंधित जिलों के कोर्ट परिसर में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे कोर्ट परिसर में आने-जाने के दौरान सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
Share this content: