केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पुडुचेरी के कराईकल में भारतीय जनता पार्टी की रैली में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्ष ने रोजाना झूठ बोलने की नई परंपरा शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष झूठ फैला रहा है, जोर-जोर से बोल रहा है और उसे बार-बार दोहरा रहा है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि यह राहुल गांधी की नीति है और देश की जनता इसे पहचान चुकी है।
अमित शाह ने ट्रेड डील और FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) पर भी राहुल गांधी की आलोचना को खारिज किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपियन यूनियन, इंग्लैंड और अमेरिका के साथ किए गए समझौतों में किसानों, मछुआरों और पशुपालकों को 100% सुरक्षा दी है। शाह ने कहा कि राहुल गांधी इस समझौते को लेकर भ्रांति फैला रहे हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि किसानों को इस FTA और ट्रेड डील से कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि किसानों को वास्तविक नुकसान मनमोहन सिंह की सरकार के समय हुआ था, जब कई वैश्विक समझौते उनके हितों के खिलाफ किए गए।
इसके अलावा अमित शाह ने पुडुचेरी में एनडीए सरकार की उपलब्धियों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राजग सरकार के नेतृत्व में वस्त्र इकाईयों का पुनरुद्धार हुआ और नारियल के उत्पादन को बढ़ावा मिला। शाह ने CAG रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय 15 हजार करोड़ रुपये की विकास निधि का दुरुपयोग हुआ और गांधी परिवार भ्रष्टाचार में लिप्त रहा। उन्होंने यह भी कहा कि अब एनडीए सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में राजनीतिक स्थिरता और पारदर्शिता सुनिश्चित की है।
अमित शाह ने रैली के दौरान यह भी जोर देकर कहा कि 2029 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा और एनडीए की सरकार फिर से बनेगी और राहुल गांधी की बारी नहीं आने वाली है। उन्होंने पुडुचेरी में राजनीतिक स्थिरता और विकास को लेकर एनडीए सरकार की तारीफ की और जनता के सामने डबल इंजन सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करने का आश्वासन दिया।
रैली के दौरान अमित शाह ने पुडुचेरी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशेषताओं की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना यहां देखा गया और यह क्षेत्र हमेशा से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। शाह ने जनता से अपील की कि वे झूठ और भ्रांतियों से बचें और सरकार की वास्तविक उपलब्धियों को समझें।
Share this content: