श्रद्धा दुबे, बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को लेकर रवाना हुई एसटीएफ: फ्लाइट से लाने की थी तैयारी, आखिरी समय में बदला फैसला

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में नागपुर से गिरफ्तार श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम सड़क मार्ग से लेकर लखनऊ रवाना हो गई है। बुधवार को नागपुर जिला न्यायालय में पेशी के बाद पुलिस को तीनों आरोपियों का 48 घंटे का ट्रांजिट रिमांड मिल गया। नागपुर से लखनऊ की दूरी करीब 920 किलोमीटर है। पुलिस काफिले को यह दूरी तय करने में 15 से 18 घंटे का समय लगने का अनुमान है। लखनऊ पहुंचने के बाद तीनों आरोपियों को गुरुवार तक सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने की तैयारी है, जहां पुलिस उनसे पूछताछ के लिए अग्रिम पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग करेगी।

फ्लाइट से लाने की थी तैयारी, आखिरी समय में बदला फैसला

यूपी एसटीएफ से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में श्रद्धा दुबे को फ्लाइट से लखनऊ लाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन नागपुर से सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं होने के कारण ऐन वक्त पर सड़क मार्ग से लाने का निर्णय लिया गया। मंगलवार को नागपुर के एक अपार्टमेंट से गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को सबसे पहले बेलतरोड़ी थाने ले जाया गया था। वहां महिला लॉकअप की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने और कानूनी कागजी कार्रवाई में देरी के चलते देर रात श्रद्धा दुबे को हुड़केश्वर थाने शिफ्ट किया गया। बुधवार सुबह आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों को नागपुर जिला न्यायालय में पेश किया गया। दूसरे राज्य में आरोपियों को ले जाने के लिए जरूरी ट्रांजिट रिमांड की अनुमति मिलने के बाद पुलिस टीम उन्हें लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई।

11 दिनों तक पुलिस को चकमा देती रही श्रद्धा, मोबाइल और ऑनलाइन पेमेंट से बनाई दूरी

जांच में सामने आया है कि फरारी के 11 दिनों के दौरान श्रद्धा दुबे की सटीक लोकेशन का पता लगाना लखनऊ पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना रहा। बताया जा रहा है कि तकनीकी सर्विलांस से बचने के लिए उसने अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया और ऑनलाइन भुगतान या यूपीआई ट्रांजैक्शन से भी दूरी बनाए रखी। फरारी के दौरान वह कथित तौर पर हर जगह नकद भुगतान करती थी, ताकि डिजिटल लेनदेन के जरिए उसकी लोकेशन का पता न लगाया जा सके। संपर्क साधने के लिए वह टैक्सी चालकों के मोबाइल हॉटस्पॉट का इस्तेमाल करती थी। इसके अलावा, वह ऐसे छोटे लॉज में ठहरती थी, जहां पहचान पत्र की मांग नहीं की जाती थी। इस तरह उसने अपनी पहचान और ठिकाने को छिपाए रखने की कोशिश की।

नेपाल से आगरा, दिल्ली होते हुए नागपुर पहुंची श्रद्धा

पुलिस जांच के मुताबिक, फरारी के दौरान श्रद्धा दुबे ने लगातार अपने ठिकाने बदले। बताया जा रहा है कि वह नेपाल से आगरा पहुंची और इसके बाद दिल्ली होते हुए नागपुर चली गई। नागपुर पहुंचने के बाद उसने एक परिचित की मदद से छिपने के लिए एक फ्लैट की व्यवस्था की थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों ने मदद पहुंचाई, अलग-अलग शहरों तक पहुंचने के लिए उसने किन साधनों का इस्तेमाल किया और नागपुर में छिपने की व्यवस्था किस तरह की गई। तीनों आरोपियों को लखनऊ लाए जाने के बाद पूछताछ में इन पहलुओं के साथ शिवा शर्मा हत्याकांड से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी जुटाने पर भी पुलिस का जोर रहेगा।

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