पीएम मोदी ने दिखाया बड़ा दिल, बांग्लादेश की BNP ने जताया आभार—पूरा मामला
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी प्रमुख बेगम खालिदा जिया की गंभीर होती सेहत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जताई गई चिंता और उनकी मदद की पेशकश पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने विशेष रूप से धन्यवाद दिया है। बीएनपी ने कहा कि भारत की ओर से इस प्रकार की संवेदनशीलता और सहयोग की इच्छा उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मंगलवार को जारी बयान में पार्टी ने पीएम मोदी के उस संदेश की सराहना की, जिसमें उन्होंने खालिदा जिया के लंबे राजनीतिक योगदान को याद करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा था कि खालिदा जिया की बिगड़ती सेहत के बारे में जानकर उन्हें बेहद दुख हुआ है और भारत उनकी हरसंभव सहायता के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि खालिदा जिया ने कई वर्षों तक बांग्लादेश की सार्वजनिक और राजनीतिक ज़िंदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ऐसे में उनकी बीमारी चिंताजनक है। इस मानवीय पहल ने बीएनपी नेताओं के साथ-साथ बांग्लादेश के आम लोगों के बीच भी सकारात्मक प्रतिक्रिया पैदा की है। बीएनपी ने रिप्लाई में कहा कि यह कदम दोनों देशों के रिश्तों में भावनात्मक गहराई को दर्शाता है और वे भारत के इस सहयोगी रवैये की सराहना करते हैं।
इधर खालिदा जिया की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। 80 वर्षीय जिया को 23 नवंबर को सीने में गंभीर संक्रमण की शिकायत के बाद ढाका के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी स्थिति लगातार चिंताजनक बताई जा रही है। संक्रमण का असर उनके दिल और फेफड़ों दोनों पर पड़ा है, जिसके कारण उन्हें intensiv care की जरूरत पड़ी। अस्पताल में भर्ती होने के चार दिन बाद डॉक्टरों ने उन्हें कोरोनरी केयर यूनिट में शिफ्ट कर दिया था और तभी से उन्हें वेंटिलेशन पर रखा गया है। उनके इलाज की निगरानी लोकल डॉक्टरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की टीम भी कर रही है।
बीएनपी नेताओं का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद से उनकी तबीयत लगातार गिरती जा रही है। लंबे समय से बीमार चल रहीं खालिदा जिया की स्थिति पार्टी के लिए भी चिंता का विषय है, खासकर इसलिए क्योंकि बांग्लादेश में कुछ ही महीनों में आम चुनाव होने वाले हैं। पार्टी प्रमुख की गंभीर हालत चुनावी तैयारियों पर बड़ा असर डाल सकती है, जिससे बीएनपी के भीतर चिंता और बढ़ गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनकी लीडर की बीमारी न केवल संगठनात्मक स्तर पर चुनौती है बल्कि इसका राजनीतिक असर भी गहरा हो सकता है।
भारत द्वारा सहायता की पेशकश को बांग्लादेश में काफी सराहा जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत-बांग्लादेश के ऐतिहासिक और सहयोगी संबंधों को और मजबूत करता है। दोनों देशों के बीच मौजूद दोस्ताना रिश्ते ऐसे ही मानवीय अवसरों पर और गहराते हैं। पीएम मोदी की चिंता और सहायता की इच्छा ने यह संकेत भी दिया है कि क्षेत्रीय राजनीति में मानवीय दृष्टिकोण हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं बीएनपी की ओर से आया धन्यवाद संदेश यह दर्शाता है कि खालिदा जिया की सेहत को लेकर पैदा हुई चिंता केवल बांग्लादेश तक सीमित नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों में भी महसूस की जा रही है।
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