मॉस्को: व्लादिमीर पुतिन को बेहद पसंद हैं बॉलीवुड फिल्में, रूस और भारत के सांस्कृतिक रिश्तों पर सिनेमा का गहरा असर
भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक रिश्तों की बातें अक्सर राजनीति से ज्यादा फिल्मों के ज़रिये सामने आती हैं। इसी जुड़ाव को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी कई बार स्वीकार कर चुके हैं। पुतिन ने सार्वजनिक मंचों पर कहा है कि उन्हें भारतीय फिल्में बेहद पसंद हैं—चाहे राज कपूर की आवारा हो या शाहरुख खान की जवान और पठान। यह वही रिश्ता है जिसकी शुरुआत पचास के दशक में हुई और आज भी उतनी ही मजबूती से कायम है।
रूसी जनता के बीच भारतीय फिल्मों का क्रेज आज भी बरकरार है। राज कपूर, मिथुन चक्रवर्ती और अमिताभ बच्चन से लेकर शाहरुख खान और अल्लू अर्जुन तक भारतीय सितारे रूस में खूब सराहे जाते हैं। पुतिन ने ब्रिक्स सम्मेलन में साफ कहा था कि भारत का सिनेमा रूस में बेहद लोकप्रिय है और इसकी वजह दोनों देशों की सांस्कृतिक समानताएं हैं। यही कारण है कि रूस में कई बार भारतीय फिल्मों की शूटिंग की मांग भी उठी और खुद पुतिन ने सिनेमा अकादमी बनाने का सुझाव दिया था।
रूस के मौजूदा सिनेमा में राष्ट्रवाद की थीम हावी है, खासकर यूक्रेन युद्ध के बाद बने माहौल में। हॉलीवुड जहां यूक्रेन के प्रति सहानुभूति दिखाता है, वहीं रूस की फिल्में अपनी राजनीतिक कहानी को केंद्र में रखती हैं। इसके बावजूद भारतीय फिल्में रूस में बिना किसी राजनीतिक संघर्ष के पसंद की जाती हैं, क्योंकि वे परिवार, मानवीय मूल्यों और भावनाओं को दिखाती हैं—ऐसी चीज़ें जिनसे रूसी समाज खुद को जोड़ पाता है। यही वजह है कि जब प्रधानमंत्री मोदी मॉस्को गए थे, तब उन्होंने भी राज कपूर के गीत ‘सर पे लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ का जिक्र कर इस सांस्कृतिक रिश्ते को दोहराया था।
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