मॉस्को में इंडियन एमपी की फ्लाइट हवा में लटकी रह गई… क्योंकि तभी हुआ कुछ ऐसा जिसने सबको दहला दिया!
रूस की राजधानी मॉस्को का आसमान अचानक सायरनों की आवाज़ से गूंज उठा। एक भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का विमान मॉस्को की सीमा में जैसे ही दाखिल हुआ, तभी कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी को कल्पना भी नहीं थी—यूक्रेन की ओर से रूस पर ड्रोन अटैक कर दिया गया। इस हमले के चलते विमान की लैंडिंग तत्काल रोक दी गई, और भारतीय सांसदों से भरी फ्लाइट को हवा में ही कई मिनटों तक चक्कर लगाने पर मजबूर होना पड़ा।
ये प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के आतंकवादी नेटवर्क की पोल खोलने के मिशन पर रूस पहुंचा था। इस दल का नेतृत्व डीएमके सांसद कनिमोई कर रही थीं। जैसे ही उनकी फ्लाइट मॉस्को एयरस्पेस में दाखिल हुई, यूक्रेन की ओर से एक साथ कई ड्रोन दागे गए जिससे रूस की राजधानी के तीन प्रमुख एयरपोर्ट्स को तात्कालिक रूप से बंद कर दिया गया। इस अफरा-तफरी के बीच भारतीय फ्लाइट को लैंडिंग का ‘ग्रीन सिग्नल’ मिलने में समय लग गया, जिससे सांसदों की जान जोखिम में आ गई।
रूस में भारत का ‘डिप्लोमैटिक मिशन’
फ्लाइट के सुरक्षित लैंड होते ही भारतीय राजदूत विनय कुमार ने मॉस्को एयरपोर्ट पर सभी सांसदों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस डेलिगेशन का मुख्य उद्देश्य रूस की सरकार, वरिष्ठ अधिकारियों और सांसदों के साथ मीटिंग कर पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी गुटों की सच्चाई को सामने लाना है।
सांसद कनिमोई ने बयान दिया कि भारत और रूस के संबंध पहले से ही मज़बूत हैं, और यह यात्रा इन रिश्तों को और बेहतर बनाएगी। उन्होंने कहा, “हम रूस को बताएंगे कि पाकिस्तान की ज़मीन पर पल रहा आतंकवाद कैसे पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुका है।”
पुतिन की पुरानी चिंता हुई सच
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही आगाह कर चुके हैं कि जब भी कोई विदेशी सरकारी प्रतिनिधिमंडल रूस आने की तैयारी करता है, यूक्रेन की ओर से मॉस्को पर ड्रोन अटैक कर दिया जाता है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में भी पुतिन ने इसी मुद्दे को उठाया था। उनका मानना है कि यूक्रेन जानबूझकर रूस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है।
यूक्रेन की चुप्पी और रूस की सख़्त प्रतिक्रिया
यूक्रेन ने इस ड्रोन अटैक को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ‘द कीव इंडिपेंडेंट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन की तरफ से की गई इस भारी ड्रोन बमबारी में रूस को 3 प्रमुख एयरपोर्ट्स बंद करने पड़े। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 22 मई को रूस ने 250 से ज़्यादा यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए हैं।
निष्कर्ष: युद्ध की साज़िश या रणनीतिक दखल?
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या यह सिर्फ संयोग था या यूक्रेन ने जानबूझकर भारत जैसे देशों के राजनयिक प्रयासों को असफल बनाने की कोशिश की? भारत और रूस के बीच आतंकवाद के मुद्दे पर बढ़ती नजदीकियों से क्या यूक्रेन असहज महसूस कर रहा है?
जवाब भविष्य में सामने आएंगे, लेकिन एक बात तय है—दुनिया एक नए कूटनीतिक मोड़ पर खड़ी है, और भारत उसका सक्रिय खिलाड़ी बन चुका है।
Share this content:
