नाम है ‘सूरज का अंडा’: लाखों में बिकने वाले इस भारतीय आम को जापान क्यों पूजता है?
भारत में आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि भावनाओं का हिस्सा है। हर गर्मी इसके बिना अधूरी लगती है। दशहरी से लेकर अल्फांसो तक, देश के कोने-कोने में अलग-अलग किस्मों के आमों की मिठास हर दिल में बसती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में उगाया जाने वाला एक ऐसा आम भी है, जिसकी दीवानगी जापान में इस कदर है कि वो इसे स्टेटस सिंबल मानता है? और यही नहीं, इसकी कीमत सुनकर आपके होश उड़ सकते हैं—2.5 लाख से लेकर 3.5 लाख रुपये प्रति किलो तक!
इस दुर्लभ और बेहद कीमती आम का नाम है “मियाजाकी मैंगो”, जिसे जापान में ‘तैयो नो तमागो’ यानी ‘सूरज का अंडा’ कहा जाता है।
मियाजाकी आम की कहानी: जापान से भारत और फिर जापान तक
मूल रूप से जापान का यह आम अब भारत में भी कमर्शियली उगाया जा रहा है। खास बात यह है कि यह आम भारत में उगाया जाता है लेकिन इसका अधिकतर हिस्सा जापान को एक्सपोर्ट हो जाता है। भारत की अनुकूल जलवायु—खासतौर पर पश्चिमी और पूर्वी घाट के इलाके—मियाजाकी आम की खेती के लिए आदर्श हैं। पुणे, ओडिशा और दक्षिण भारत के कुछ अन्य हिस्सों में इसकी सफल खेती हो रही है।
क्यों है ‘सूरज का अंडा’ इतना खास?
इस आम की खासियत सिर्फ इसका नाम नहीं, बल्कि इसकी बाहरी बनावट, स्वाद, और खेती की तकनीक भी इसे बाकी आमों से अलग बनाती है।
इसका रंग बैंगनी-लाल होता है, जो देखने में बेहद आकर्षक होता है।
इसका स्वाद इतना दुर्लभ और समृद्ध होता है कि जापान में इसे उच्च वर्ग की पहचान के रूप में देखा जाता है।
खेती के दौरान हर फल को जाली (नेट) में लपेटकर, विशेष देखभाल में पाला जाता है। यह फल सूरज की विशेष स्थिति और मौसम की सटीकता के बीच उगता है।
जैविक रूप से तैयार यह आम बिना किसी रसायन के तैयार होता है, जिससे इसकी गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की हो जाती है।
किसानों के लिए वरदान बन चुका है यह आम
एक समय था जब किसानों को आम की पारंपरिक किस्मों से सीमित आमदनी होती थी, लेकिन मियाजाकी आम ने उनकी किस्मत बदल दी।
एक पेड़ से ही किसान लाखों की कमाई कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इसकी भारी मांग होने से सीधा एक्सपोर्ट का रास्ता खुल गया है।
2023 के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने जापान को 40 टन से ज़्यादा आम एक्सपोर्ट किए, जिनमें बड़ा हिस्सा मियाजाकी आम का था।
भारत बना आम का निर्यातक महाशक्ति
भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है और अब मियाजाकी जैसे एक्सक्लूसिव फलों की खेती करके वह एक्सपोर्ट के क्षेत्र में भी वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। सफेदा, दशहरी, अल्फांसो, रटौल जैसी किस्मों के साथ-साथ अब ‘सूरज का अंडा’ भी भारत की एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट स्टोरी में शामिल हो चुका है।
मियाजाकी आम सिर्फ एक महंगा फल नहीं है, यह भारत के किसानों के लिए एक उम्मीद, और भारत-जापान रिश्तों के बीच एक मीठा पुल बन चुका है। अगर आपने अब तक इसका स्वाद नहीं चखा, तो समझिए आपने आमों की दुनिया का ‘सूरज’ ही नहीं देखा।
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