April 17, 2026

प्रयागराज महाकुंभ मेला में भीड़ की खतरनाक संभावना: मेला प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला, संगम रेलवे स्टेशन बंद

प्रयागराज में इस समय चल रहे दिव्य और भव्य महाकुंभ मेला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना के चलते मेला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शनिवार और रविवार, 15 और 16 फरवरी को महाकुंभ मेला क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सभी पासों को निरस्त करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।

इस दौरान, मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। श्रद्धालुओं को पार्किंग की सुविधा नजदीकी स्थानों पर दी जाएगी, लेकिन मेला क्षेत्र में मौजूद पार्किंग में वाहनों की अनुमति नहीं होगी। यह कदम प्रशासन ने भारी भीड़ की आशंका के मद्देनजर उठाया है, खासकर मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटनाओं से सबक लेते हुए।

महाकुंभ मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की है। साथ ही, प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि मेला क्षेत्र में किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को कोई कठिनाई का सामना न करना पड़े।

इसके अलावा, मेला प्रशासन ने संगम रेलवे स्टेशन को भी 16 फरवरी तक बंद करने का ऐलान किया है। संगम स्टेशन महाकुंभ मेला क्षेत्र के सबसे नजदीक स्थित है और यहां आने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। रेलवे द्वारा यह कदम उठाने के बाद, जीआरपी और आरपीएफ को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे स्टेशन की सभी एंट्री और एग्जिट पर रोक लगा दी गई है।

इस फैसले से पहले, माघ पूर्णिमा से पहले उमड़ी भीड़ को देखते हुए 9 फरवरी को ही संगम रेलवे स्टेशन को 14 फरवरी तक के लिए बंद कर दिया गया था। अब बढ़ती हुई भीड़ और वीकेंड के कारण यह अवधि बढ़ाकर 16 फरवरी तक कर दी गई है।

प्रयागराज में वीकेंड की वजह से शुक्रवार सुबह से ही भारी संख्या में लोग महाकुंभ स्नान के लिए पहुंचने लगे हैं, जिससे प्रशासन और रेलवे की तैयारियों को और भी सख्त किया गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि प्रशासन के ये नए फैसले क्या स्थिति को नियंत्रित कर पाएंगे या फिर भारी भीड़ के कारण कोई और परेशानी खड़ी हो सकती है।

महाकुंभ मेला एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें लाखों लोग स्नान के लिए आते हैं। ऐसे में प्रशासन की यह चुनौती और भी बढ़ जाती है कि कैसे भीड़ को नियंत्रित किया जाए और किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। महाकुंभ के इस महापर्व के दौरान प्रशासन की सख्त निगरानी और फैसलों का असर कैसा होगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!