बिहार के नक्सल प्रभावित इलाके में बड़ी कार्रवाई: अफीम माफियाओं की खेती नष्ट, पुलिस की तलाशी जारी!
बिहार के नक्सल प्रभावित और रेड जोन इलाकों में नशे के कारोबार ने एक नया मोड़ ले लिया है। हाल ही में औरंगाबाद जिले के ढिबरा थाना क्षेत्र में माफियाओं द्वारा की जा रही अवैध अफीम की खेती पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। खबर के अनुसार, यह अफीम की खेती लगभग 6 एकड़ में फैली हुई थी, जिसे पुलिस ने वन विभाग के साथ मिलकर पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई इस इलाके में बढ़ते नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि औरंगाबाद जिले के ढिबरा थाना क्षेत्र के बनुआ पंचायत में एक दुर्गम और जंगली-पहाड़ी इलाके में अफीम की अवैध खेती की जा रही थी। यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित होने के साथ-साथ माफिया के लिए नशे के कारोबार का गढ़ बन चुका था। माफियाओं ने इस इलाके को जानबूझकर चुना था क्योंकि यहां तक पहुंचने के लिए मुश्किल रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता था। जंगली और पहाड़ी इलाकों में स्थित यह स्थल पुलिस की नज़र से दूर था, लेकिन खुफिया सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज़ कर दी।
इस कार्रवाई को एसडीपीओ-2 अमित कुमार के नेतृत्व में अंजाम दिया गया, जिसमें एसएसबी की 29वीं बटालियन और वन विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस नक्सल प्रभावित इलाके में अवैध अफीम की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही थी, और इसे नष्ट करने के बाद माफियाओं को बड़ा नुकसान हुआ है। पुलिस अब इन माफियाओं की तलाश में जुटी हुई है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना बना रही है।
इस दौरान पुलिस ने बताया कि अफीम की खेती करने वाले माफिया स्थानीय जंगलों का फायदा उठाते हुए नशे का कारोबार कर रहे थे, जिससे क्षेत्र में अव्यवस्था और अपराध का माहौल बन चुका था। पुलिस ने यह भी बताया कि इस कार्रवाई से न सिर्फ अफीम के कारोबार में शामिल माफिया को बड़ा झटका लगा है, बल्कि यह संदेश भी दिया गया है कि प्रशासन नशे के कारोबार पर सख्ती से नज़र रखे हुए है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस इन माफियाओं को पकड़ पाएगी और क्या और भी नक्सल प्रभावित इलाकों में ऐसी अवैध गतिविधियों पर काबू पाया जा सकेगा? पुलिस और वन विभाग की टीम इस मामले में गंभीरता से काम कर रही है, लेकिन इन माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने में चुनौती बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस कार्रवाई के परिणाम क्या होंगे, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।
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