पंजाब के मुख्यमंत्री ने उद्योग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में राज्य को नए आयाम देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) और सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) के सदस्यों को पंजाब के उभरते औद्योगिक परिदृश्य पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया। यह बैठक राज्य में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और रक्षा निर्माण से जुड़े अवसरों को लेकर आयोजित की गई, जिसमें प्रमुख उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि पंजाब अब सिर्फ कृषि राज्य नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार का नया केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को अनुकूल माहौल देने के लिए कई प्रोत्साहन नीतियां लागू कर रही है, जिनका उद्देश्य विदेशी और घरेलू निवेशकों को आकर्षित करना है। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे पंजाब के विकास में भागीदार बनें और मिलकर सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को मज़बूत करें।
उन्होंने मोहाली को विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स हब के रूप में विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहाली का मजबूत अकादमिक, तकनीकी और शोध वातावरण इस क्षेत्र में नवाचार और उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। आईआईटी रोपड़, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस और अन्य तकनीकी संस्थान यहां के मानव संसाधन को मजबूत आधार प्रदान कर रहे हैं, जिससे निवेशकों को प्रशिक्षित और कुशल कार्यबल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और एयरोस्पेस उद्योग से जुड़े कई प्रमुख प्रतिनिधियों ने भी पंजाब में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने राज्य सरकार के सहयोगात्मक रुख और पारदर्शी नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में पंजाब देश के प्रमुख सेमीकंडक्टर उत्पादन केंद्रों में से एक बन सकता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि निवेशकों के लिए ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम’ और विशेष औद्योगिक जोन जैसी सुविधाएं प्राथमिकता पर रहेंगी।
इस अवसर पर राज्य के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में राज्य को “इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर हब ऑफ इंडिया” बनाना है, ताकि युवाओं को अधिक रोजगार के अवसर मिल सकें और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिल सके।
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