लखनऊ। मोहनलालगंज उपकेंद्र के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) पर बिजली कनेक्शन देने के नाम पर 1.50 लाख रुपये की घूस मांगने का आरोप सामने आया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब कंपनी के एमडी के साथ हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया। चर्चा है कि जेई की इस कार्यप्रणाली से तंग आकर कंपनी ने उसका स्टिंग ऑपरेशन कर रिकॉर्डिंग की।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी जेई सत्येद्र कुमार ने कंपनी के एमडी से कहा कि वह घूस की रकम चेक के जरिए नहीं लेंगे। मामला तब और गंभीर हो गया जब यह सामने आया कि कंपनी ने बिजली कनेक्शन के लिए औपचारिक रूप से आवेदन किया था और जेई ने इसका एस्टीमेट 4.35 लाख रुपये तय किया था। इसके ऊपर 1.55 लाख रुपये अतिरिक्त सुविधा शुल्क के रूप में मांग किए जाने का आरोप है।
इस मामले के वायरल ऑडियो के आधार पर विद्युत विभाग ने गंभीरता से कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारी कह रहे हैं कि जेई को निलंबित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी। यह कदम विभाग की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त कार्य प्रणाली सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली कनेक्शन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में घूस की मांग विभागीय नियमों के खिलाफ है और इससे जनता का भरोसा प्रभावित होता है। ऐसे मामलों में त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।
लखनऊ में यह घटना शहर की प्रशासनिक निगरानी और भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई की जरूरत को फिर से उजागर करती है। विभाग ने कंपनी और स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे मामलों में पूरी पारदर्शिता बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने दें।
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