April 30, 2026

आंखों में ड्राइनेस: कारण, लक्षण और बचाव के आसान उपाय

आंखों में ड्राइनेस यानी आँखों में नमी की कमी आजकल आम समस्या बन गई है। जब आंखों की आंसू ग्रंथियां पर्याप्त आंसू नहीं बनातीं या आंसू जल्दी सूख जाते हैं, तो आंखें सूखी, जलन भरी और असहज महसूस होती हैं। लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर स्क्रीन पर देखने वाले लोग, एयर-कंडीशंड वातावरण में रहने वाले और धूल-धूप या प्रदूषण में समय बिताने वाले लोग इस समस्या से अधिक प्रभावित होते हैं। इसके अलावा, 40 साल से ऊपर के लोग, कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने वाले और हॉर्मोनल बदलाव वाली महिलाएं भी ड्राई आईज का शिकार हो सकती हैं।

आंखों में ड्राइनेस के कई कारण होते हैं। सबसे आम कारण है लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करना, जिससे पलकें कम झपकती हैं और आंखें सूखने लगती हैं। शरीर में पानी की कमी, नींद न पूरी होना, विटामिन ए की कमी, धूम्रपान और प्रदूषण भी इसका कारण बन सकते हैं। कुछ दवाएं, जैसे एंटीहिस्टामिन, ब्लड प्रेशर या डिप्रेशन की दवाएं, आंसू बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। उम्र बढ़ने पर आंसू ग्रंथियां कम सक्रिय हो जाती हैं, जिससे ड्राइनेस और बढ़ जाती है। यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है और दृष्टि प्रभावित हो सकती है।

डॉ. ए.के. ग्रोवर के अनुसार आंखों में ड्राइनेस के कई लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं। इनमें सबसे आम हैं आंखों में जलन, खुजली या चुभन का अहसास, कुछ फंसा होने जैसा अनुभव, आंखों में लालपन और रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ना। लंबे समय तक पढ़ने या स्क्रीन पर काम करने के बाद धुंधलापन भी महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को आंखों में भारीपन या दर्द, रात में ड्राइविंग के दौरान कठिनाई, बार-बार पानी आना और आंखों में चिपचिपाहट जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।

ड्राइ आईज से बचाव के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। हर 20 मिनट में स्क्रीन से नजरें हटाकर 20 सेकंड तक आराम दें और आंखों को बार-बार झपकाएं ताकि नमी बनी रहे। कमरे में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। धूल और धूप से बचाव के लिए सनग्लास पहनें। धूम्रपान और अत्यधिक कैफीन से बचें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप्स का उपयोग किया जा सकता है।

इन उपायों को नियमित अपनाकर आंखों की सूखापन और जलन जैसी समस्याओं से राहत पाई जा सकती है। समय पर उचित देखभाल से आंखें स्वस्थ और दृष्टि स्पष्ट बनी रहती है।

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