लखनऊ: एक व्यक्ति को ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाने का झांसा देकर 46.60 लाख रुपये की ठगी करने वाले साइबर जालसाजों का मामला सामने आया है। इस पूरी घटना ने न केवल पीड़ित को भारी मानसिक आघात पहुंचाया, बल्कि परिवार के अन्य सदस्य भी ठगी का शिकार हुए हैं। यह मामला आलमबाग का है, जहां एक शख्स को मुनाफे का सपना दिखाकर ठगी की गई।
आलमबाग निवासी नागेंद्र को एक फोन आया था, जिसमें ट्रेडिंग से अच्छे मुनाफे का दावा किया गया। इस कॉल ने उन्हें एक ग्रुप में जोड़ लिया, और कंपनी के प्रमाण पत्र और सेबी के रजिस्ट्रेशन नंबर भेजकर विश्वास जीतने की कोशिश की गई। इसके बाद जालसाज ने एक लिंक भेजा, जिस पर क्लिक कर नागेंद्र से ट्रेडिंग शुरू करवाई गई।
मुनाफे का लालच और फिर टैक्स के नाम पर धोखाधड़ी कुछ दिनों तक सब कुछ सही चलता रहा, और खाते में मुनाफा दिखाने लगे। जब नागेंद्र ने मुनाफे की रकम निकालने का प्रयास किया, तो जालसाजों ने ‘टैक्स’ के नाम पर और पैसे मांगे। विश्वास में फंसे नागेंद्र ने और पैसे जमा कर दिए, लेकिन जैसे ही उन्होंने पुनः पैसे निकालने की कोशिश की, जालसाजों ने उनका संपर्क तोड़ दिया और रकम भी हड़प ली।
पीड़ित के परिवार को भी लगा धोखा नागेंद्र के भाई को भी इस ठगी का शिकार होना पड़ा। जालसाजों ने उनका भी भरोसा जीतने की कोशिश की, और इस तरह पूरे परिवार को धोखा दिया। जब इस ठगी का अहसास हुआ, तो पीड़ित ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और जालसाजों को पकड़ने के प्रयास में है।
एक और घटना: केवाईसी अपडेट के बहाने ठगी साइबर जालसाजों की यह घटनाएं यहीं तक सीमित नहीं हैं। इसी तरह एक और व्यक्ति से केवाईसी अपडेट के बहाने 13.50 लाख रुपये की ठगी की गई। यह घटनाएं इस बात को साबित करती हैं कि साइबर ठगी का जाल अब लोगों के विश्वास को भेदने के लिए हर नई तरकीब अपना रहा है।
लखनऊ में हो रही इस तरह की ठगी ने आम लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को और भी बढ़ा दिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से भी यह अपील की जा रही है कि लोग ऐसे किसी भी ऑफर से बचें और अपने व्यक्तिगत जानकारी को कभी भी अनजान स्रोतों से साझा न करें।
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