May 1, 2026

षडाष्टक योग: राहु और मंगल का संगम, 18 मई के बाद इन 3 राशियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं!

18 मई को एक खास ज्योतिषीय घटना घटने जा रही है, जिसे देखकर कई राशियों के जीवन में अचानक बदलाव आ सकता है। राहु और मंगल के संयोग से बनने वाला षडाष्टक योग कुछ राशियों के लिए चिंता का कारण बन सकता है। क्या आपके राशि के लोग इस योग से प्रभावित होंगे? जानिए इस अद्भुत योग के बारे में और जानिए कैसे यह 3 राशियों के जीवन में कठिनाइयाँ ला सकता है।

क्या है षडाष्टक योग?

18 मई को राहु ग्रह मीन राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। वहीं, मंगल अपनी नीच राशि कर्क में रहेंगे। इस स्थिति में मंगल और राहु एक-दूसरे से अष्टम और छठे भाव में होंगे, जिसे ज्योतिष में षडाष्टक योग कहा जाता है। राहु और मंगल दोनों ही क्रूर ग्रह माने जाते हैं, और जब ये दोनों मिलकर षडाष्टक योग बनाते हैं, तो यह आमतौर पर संघर्ष और परेशानियों का संकेत देता है। यह योग व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में चुनौतियाँ ला सकता है। आइए जानते हैं, कौन सी 3 राशियाँ इस योग से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं।

1. मेष राशि

राहु और मंगल का षडाष्टक योग मेष राशि के लिए चिंता का कारण बन सकता है। इस योग के प्रभाव से आपके जीवन में संघर्ष और मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सबसे पहले, आपकी राशि के स्वामी मंगल नीच राशि में स्थित होंगे, जिससे आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है। करियर के क्षेत्र में बेवजह आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है, और सहकर्मियों के साथ नोकझोंक हो सकती है। पारिवारिक जीवन में माता की तबीयत को लेकर चिंता हो सकती है। वाहन चलाते समय भी सतर्क रहना जरूरी है। इस कठिन समय से उबरने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना एक उत्तम उपाय हो सकता है।

2. कर्क राशि

कर्क राशि के लिए भी षडाष्टक योग कई परेशानियों का कारण बन सकता है। सबसे बड़ी चुनौती मानसिक तनाव हो सकती है, जो आपको अनजाने भय के रूप में महसूस होगा। गुस्से पर काबू रखना भी आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, और अगर आपने अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रखा, तो परिवार के लोगों और करीबियों के साथ रिश्ते खराब हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव बढ़ेगा और मेहनत के बावजूद परिणाम संतोषजनक नहीं मिलेंगे। इस स्थिति में सेहत का भी ध्यान रखना जरूरी होगा। इस समय के दौरान भगवान शिव की पूजा करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है, जो मानसिक शांति प्रदान कर सकता है।

3. कुंभ राशि

कुंभ राशि के लिए भी राहु का गोचर और मंगल की अष्टम दृष्टि परिस्थितियाँ विपरीत बना सकती है। इस दौरान धन से संबंधित मामलों में सावधानी बरतनी जरूरी होगी। लेन-देन करते समय सोच-समझकर निर्णय लें, क्योंकि इस समय धोखा मिलने का खतरा हो सकता है। सेहत के प्रति लापरवाही बड़ी समस्याएँ उत्पन्न कर सकती है, और यदि ध्यान नहीं दिया गया तो स्वास्थ्य में गंभीर समस्याएँ आ सकती हैं। वैवाहिक जीवन में भी तनाव का सामना करना पड़ सकता है। कुंभ राशि के जातकों को इस समय शिवलिंग पर जल अर्पित करने और मंगलवार को दान करने का उपाय किया जा सकता है।

18 मई के बाद बनने वाला राहु और मंगल का षडाष्टक योग इन तीन राशियों के लिए खास चुनौती लेकर आ सकता है। हालांकि, उपायों से इन मुश्किलों को कम किया जा सकता है। हनुमान चालीसा, शिव पूजा, और दान जैसे उपाय इन राशियों के लिए इस कठिन समय को थोड़ा आसान बना सकते हैं। किसी भी प्रकार के संकट से निपटने के लिए आपके पास साहस और धैर्य होना आवश्यक है।

इस समय, अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना साहस के साथ करें और ज्योतिषीय सलाह के अनुसार उपाय करें।

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