लखनऊ: भारतीय सेना में भर्ती के नाम पर करोड़ों की ठगी, मास्टरमाइंड रविकांत यादव गिरफ्तार
लखनऊ: क्या आप भी सेना में भर्ती होने का सपना देख रहे हैं? तो यह खबर आपके लिए है! लखनऊ में सेना में भर्ती कराने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया है। इस आरोपी ने न केवल एक व्यक्ति, बल्कि दो दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों को ठगा है और उनके सपनों को चुराया है। ये ठगी सिर्फ एक शख्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे एक गिरोह ने फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए अभ्यर्थियों से करोड़ों की रकम हड़प ली।
क्या हुआ था? उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को काफी समय से एक संगठित गिरोह के बारे में सूचना मिल रही थी, जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। इस गिरोह का मास्टरमाइंड 25 वर्षीय रविकांत यादव था, जो चंदौली का निवासी है। उसे गुरुवार को लखनऊ के विभूतिखंड क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। रविकांत ने अब तक दो दर्जन से ज्यादा युवकों से सेना में भर्ती का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की है।
रविकांत की फर्जी पहचान और ठगी का तरीका रविकांत ने 2018 में हाई स्कूल पास करने के बाद भारतीय सेना में सिपाही के पद पर भर्ती होने का दावा किया था। 2021 में जब वह छुट्टी पर अपने घर आया, तो उसने अपने आपको सेना में कर्नल बताकर गांव और आसपास के लोगों को यह झांसा दिया कि वह उन्हें सेना में भर्ती करवा सकता है। इस भरोसे को जीतकर, उसने कई लोगों से भारी रकम वसूली।
किस तरह की ठगी हुई? रविकांत ने 4 युवकों से करीब 20 लाख रुपये लेकर उन्हें फर्जी जॉइनिंग लेटर दिए थे। इसके बाद, 2023 में उसका एक दोस्त ध्रुव, जो सेना में सूबेदार था, रविकांत के संपर्क में आया और उसने शेर सिंह सहित कुछ अन्य युवकों से सेना में भर्ती कराने का वादा किया। इस बार, ठगी का पैटर्न और भी बड़ा था। सेना के नर्सिंग विभाग में भर्ती के नाम पर 11 लाख रुपये और अग्निवीर के लिए 5 लाख रुपये की रकम वसूली गई। इस ठगी का शिकार बने शेर सिंह और अन्य 22 युवकों ने मिलकर कुल एक करोड़ 12 लाख रुपये रविकांत यादव को दिए।
ठगी का खुलासा और गिरफ्तारी जब पीड़ितों को इस ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने चंदौली में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविकांत को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ की टीम ने आरोपी से और भी जानकारी प्राप्त की और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की।
यह घटना साफ-साफ दर्शाती है कि साइबर ठगी और फर्जी भर्ती के नाम पर अब लोगों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हो रही है। पुलिस की ओर से अपील की जा रही है कि लोग किसी भी संदिग्ध ऑफर से बचें और सेना में भर्ती के संबंध में अधिकृत चैनलों से ही संपर्क करें।
Share this content:
