April 30, 2026

लखनऊ डीएम ऑफिस में रिश्वतखोरी का खुलासा: जब ‘पेंशन’ बनी कमाई का ज़रिया और जाल में फँसी एक महिला कर्मचारी

लखनऊ के जिलाधिकारी कार्यालय में शनिवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक महिला कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। यह मामला पेंशन वेरिफिकेशन से जुड़ा था, लेकिन इसके पीछे जो सच्चाई सामने आई, उसने सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

पकड़ी गई महिला कर्मचारी की पहचान चंद्र माला पटेल के रूप में हुई है, जो डीएम ऑफिस के पेंशन अनुभाग की हेल्प डेस्क पर तैनात थी। वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कई शाखाओं से जुड़े पेंशन मामलों को भी देख रही थी। एक महिला पेंशनर जब वेरिफिकेशन कराने पहुंची, तो चंद्र माला ने उससे अतिरिक्त पैसे की मांग की, जबकि शिकायतकर्ता पहले ही सभी दस्तावेज और जरूरी शुल्क जमा करने को तैयार थी। लेकिन चंद्र माला का रवैया साफ था – “बिना पैसे दिए काम नहीं होगा।”

यह बात पीड़िता को इतनी चुभी कि उसने एसीबी का रुख किया। शिकायत मिलते ही ACB हरकत में आई और तत्काल एक ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई गई। शनिवार को ऑपरेशन के तहत जैसे ही चंद्र माला ने रिश्वत की राशि ली, टीम ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा।

गिरफ्तार होते ही चंद्र माला पटेल को हिरासत में ले लिया गया और पूछताछ शुरू हो गई। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह कोई अकेली घटना नहीं थी। ACB अब यह भी खंगाल रही है कि क्या इस पूरे भ्रष्टाचार के जाल में और कर्मचारी भी शामिल हैं।

यह मामला सामने आने के बाद डीएम ऑफिस की साख पर बट्टा लगा है। सवाल यह उठने लगे हैं कि क्या जनता से जुड़ी संवेदनशील सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी इसी तरह अपने पद का दुरुपयोग करते हैं? क्या ऐसे कर्मचारियों पर निगरानी रखने की व्यवस्था पर्याप्त है?

फिलहाल, चंद्र माला पटेल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। आगे की जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि अब तक उसने कितने लोगों से इसी तरह अवैध रूप से धन वसूला है और किन-किन अधिकारियों की मिलीभगत इसमें हो सकती है।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सिस्टम तभी सुधरेगा जब जनता सतर्क रहे और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने से पीछे न हटे।

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