हृदय गति रुकने से लोहिया संस्थान के होनहार डॉक्टर की मौत, रहस्य बना मौत का कारण
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान में इंटर्नशिप कर रहे 30 वर्षीय डॉ. विवेक कुमार पांडे की अचानक मौत ने सभी को सदमे में डाल दिया है। पांच साल से बीपी और डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे विवेक की तबीयत एक रात बेचैनी, सीने में दर्द और उल्टियों के साथ बिगड़ी। अस्पताल ले जाने के बाद भी उनका इलाज सफल नहीं हो पाया और वे कार्डियक अरेस्ट से चल बसे।
चिकित्सा जांचों में हार्ट अटैक की पुष्टि नहीं हो पाई, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर हार्ट अटैक के बावजूद रिपोर्ट निगेटिव आ सकती है। इस अनहोनी ने चिकित्सा क्षेत्र में स्वास्थ्य और सतर्कता की अहमियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोहिया संस्थान और परिवार में गहरा शोक पसरा है, जहां सभी होनहार डॉक्टर के अचानक निधन से स्तब्ध हैं।
डॉ. विवेक की मौत केवल एक व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि उन सभी के लिए चेतावनी है जो अपनी सेहत पर ध्यान नहीं देते। उनकी कहानी स्वास्थ्य जागरूकता का एक सशक्त संदेश बनकर रह गई है।
Share this content:
