April 30, 2026

लखनऊ में हाई कोर्ट अधिवक्ता के खाते से साइबर ठगों ने उड़ाए 34,559 रुपये, एटीएम कार्ड फंसने के बाद खुला धोखाधड़ी का खेल – गाजीपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज की

लखनऊ के गाजीपुर इलाके में एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें हाई कोर्ट के अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह को साइबर जालसाजों ने अपना शिकार बनाया। घटना 20 मई की है, जब अधिवक्ता मुंशीपुलिया चौराहे पर स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम से पैसा निकालने गए।

अधिवक्ता ने बताया कि जब उन्होंने अपना डेबिट कार्ड मशीन में लगाया तो एटीएम ने कार्ड चिप को रीड नहीं किया और कार्ड मशीन में फंस गया। कई बार प्रयास करने के बावजूद कार्ड एटीएम से नहीं निकला। इसके बाद वे पास में स्थित बैंक शाखा गए और वहां के मैनेजर को पूरी स्थिति समझाई।

इस बीच, बैंक खाते से कई बार में कुल 34,559 रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित के मुताबिक, कार्ड फंसने के दौरान एटीएम बूथ पर कुछ संदिग्ध लोग मौजूद थे, जिन्हें देखकर उन्हें संदेह हुआ कि उन्हीं के द्वारा यह धोखाधड़ी की गई है। जब बैंक और पुलिस टीम एटीएम बूथ पर पहुंची तो वहां से कार्ड निकलवाया गया, लेकिन वह अधिवक्ता का कार्ड नहीं था।

पीड़ित की तहरीर पर गाजीपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और एटीएम बूथ के लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी ठगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छानबीन कर रही है।

यह मामला लखनऊ में बढ़ते साइबर अपराधों की चिंता को बढ़ा रहा है, खासकर जब गोमतीनगर क्षेत्र में भी बिना खाताधारकों की जानकारी के दो अलग-अलग खातों से लाखों रुपये निकाले जाने की खबरें आई हैं। ऐसे मामलों से बैंकिंग उपयोगकर्ताओं में भय और सतर्कता बढ़ गई है।

पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे एटीएम का उपयोग सावधानी से करें, किसी संदिग्ध स्थिति में तुरंत बैंक अधिकारियों और पुलिस को सूचित करें ताकि ठगों को गिरफ्तार किया जा सके और भविष्य में ऐसे साइबर अपराधों को रोका जा सके।

यह घटना साइबर अपराध की गंभीरता और बढ़ती शातिराना योजनाओं को दर्शाती है, जिसमें ठग एटीएम कार्ड के जरिए खाताधारकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लखनऊ पुलिस की इस मामले में तेजी से कार्रवाई और जांच उम्मीद जगा रही है कि जल्द ही अपराधी पकड़े जाएंगे।

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