कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेला गया पहला टेस्ट ढाई दिन में ही खत्म हो गया। टीम इंडिया को जीत के लिए सिर्फ 124 रनों का आसान लक्ष्य मिला था, लेकिन पूरी टीम मात्र 93 रन पर ढेर हो गई। घरेलू मैदान पर पिछले 6 टेस्ट में यह भारत की चौथी हार है। सवाल उठना लाज़िमी है—आखिर हार की जिम्मेदारी किसकी है? आइए जानते हैं उन 5 खिलाड़ियों और फैसलों के बारे में, जिन्होंने भारत की हार में बड़ी भूमिका निभाई।
सबसे पहला नाम हेड कोच गौतम गंभीर का आता है। मैच में वह मैदान पर नहीं थे, लेकिन उनकी रणनीति इस टेस्ट की सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई। भारत छह गेंदबाजों और तीन ऑलराउंडर्स के साथ उतरा—जो टेस्ट क्रिकेट की पारंपरिक प्लानिंग के बिल्कुल उलट था। गंभीर टी20 स्टाइल प्रयोग कर रहे हैं, जिससे टीम का संतुलन बिगड़ गया। उनके कार्यकाल में भारत ने घर में 8 टेस्ट खेले हैं, जिनमें से 4 में हार मिली है।
दूसरा बड़ा विलेन रहे यशस्वी जायसवाल, जो दोनों पारियों में पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए। पहली पारी में 12 रन और दूसरी पारी में खाता भी नहीं खोल सके। मार्को यानसेन ने दोनों पारियों में उन्हें आसानी से आउट किया। भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ माने जा रहे यशस्वी का इस तरह फेल होना टीम को भारी पड़ा।
तीसरे जिम्मेदार हैं ऋषभ पंत। टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल पंत ने पहली पारी में आते ही अनावश्यक आक्रामकता दिखाई और विकेट गंवा दिया। दूसरी पारी में वह साइमन हार्मर की स्पिन का सामना ही नहीं कर पाए और सिर्फ दो रन बनाकर आउट हो गए। इसके अलावा कप्तानी फैसलों में भी वह असफल रहे—खासकर दूसरी पारी में मोहम्मद सिराज को बहुत देर से बॉलिंग देना एक बड़ी गलती मानी जा रही है।
चौथे दोषी बने केएल राहुल। पहली पारी में वह अच्छी लय में थे, लेकिन 39 रन बनाकर गलत शॉट खेल बैठे। दूसरी पारी में टीम को स्थिरता की जरूरत थी, पर राहुल तीसरे ओवर में ही आउट हो गए। अनुभवी खिलाड़ी होने के बावजूद वह टीम को शुरुआत नहीं दिला सके।
पांचवे और अंतिम नाम है ध्रुव जुरेल का। इंडिया A के लिए शानदार फॉर्म में रहे जुरेल टेस्ट मैच में उस प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाए। दोनों पारियों में उनका बल्ला खामोश रहा, जिससे मिडिल ऑर्डर और भी कमजोर पड़ गया।
कुल मिलाकर, गलत टीम संयोजन, बड़ी बल्लेबाजियों की कमी और अनुभवियों के फेल होने से टीम इंडिया आसान सा लक्ष्य भी हासिल नहीं कर पाई—जिसका नतीजा रहा कोलकाता में एक और दर्दनाक हार।
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