आजकल डायबिटीज तेजी से फैल रही है और हर उम्र का व्यक्ति इसका शिकार हो रहा है। शुगर लेवल बढ़ने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है, जिन्हें अगर समय पर नहीं समझा गया तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती है। आमतौर पर फास्टिंग शुगर 70 से 100 mg/dL तक सामान्य माना जाता है। जब यह लगातार बढ़ने लगता है तो शरीर में एनर्जी बैलेंस बिगड़ता है और डायबिटीज की शुरुआत हो जाती है।
शुगर लेवल बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है इंसुलिन का सही तरीके से काम न करना। खराब लाइफस्टाइल, ज्यादा फास्ट फूड, कम फिजिकल एक्टिविटी, मोटापा, तनाव और नींद की कमी भी इस समस्या को बढ़ाते हैं। लंबे समय तक शुगर हाई रहने पर इसका असर दिल, किडनी, आंखों, नसों और त्वचा तक पर पड़ता है। हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी डैमेज और आंखों की रोशनी कम होना इसका बड़ा खतरा है।
दिल्ली के आरएमएल हॉस्पिटल के डायरेक्टर, प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि के मुताबिक, जब शुगर बढ़ती है तो सबसे पहले शरीर प्यास ज्यादा लगने, बार-बार पेशाब आने और अचानक ज्यादा भूख लगने जैसे लक्षण दिखाता है। इसके साथ ही थकान महसूस होना, वजन घटना या तेजी से बढ़ना, धुंधला दिखना और त्वचा का ड्राई होना भी हाई शुगर के संकेत हैं।
इसके अलावा शरीर में गंभीर लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। जैसे सांस लेने में परेशानी, तेज धड़कन, उलझन, उल्टी, डिहाइड्रेशन और बेहोशी तक की स्थिति। कई बार पैरों और हाथों में झनझनाहट या सुन्नपन रहने लगता है, जबकि न तो घाव जल्दी भरते हैं और न ही बार-बार होने वाले इंफेक्शन कम होते हैं। ये सभी लक्षण बताते हैं कि शुगर लेवल बेहद खतरनाक स्तर तक बढ़ चुका है।
ऐसे संकेत दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है, क्योंकि बिना इलाज के डायबिटीज शरीर में कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। खुद से दवा बंद करना या लक्षणों को नजरअंदाज करना आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए समय रहते इलाज और जांच सबसे जरूरी कदम है।
शुगर को कंट्रोल करने के लिए रोज 30 से 45 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें। ज्यादा मीठा, मैदा और जंक फूड से दूरी बनाएं। अपने भोजन में फाइबर, हरी सब्जियां, दालें और साबुत अनाज शामिल करें। वजन नियंत्रित रखें, तनाव कम करें और भरपूर नींद लें। खूब पानी पिएं और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लेते रहें। नियमित शुगर चेक करना भी बेहद आवश्यक है।
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