April 30, 2026

कानपुर में एटीएम की मशीन से छेड़छाड़ कर उड़ाए 1.39 करोड़ रुपये, कंपनी का कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड

कानपुर के किदवई नगर में बैंक ऑफ बड़ौदा की एटीएम कैश रीसायकल मशीन (CRM) से 1 करोड़ 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस घोटाले का मास्टरमाइंड बैंक में नकदी संभालने वाली कंपनी का ही कस्टोडियन निकला।

पुलिस की जांच में सामने आया कि हिताची कंपनी में काम करने वाला दीपक जायसवाल, जो एटीएम में नकदी जमा करने का जिम्मेदार था, उसने ही अपने चार साथियों के साथ मिलकर मशीन से करोड़ों रुपये निकाल लिए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दीपक ने कबूल किया कि उसने विपिन दीक्षित, आशीष त्रिपाठी और दो सगे भाइयों के साथ मिलकर यह पूरा खेल रचा था।

आरोपियों के पास से अब तक कुल 38 लाख रुपये की नकदी और सोने की चेन बरामद की जा चुकी है, जिसे उन्हीं पैसों से खरीदा गया था। पहले चरण में 16 लाख की रिकवरी हुई थी, जबकि रिमांड पर लेने के बाद और 11.8 लाख रुपये की वसूली हुई। डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और बाकी रकम की बरामदगी की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।

यह घटना 21 मार्च से 24 अप्रैल के बीच की बताई जा रही है। बैंक की तरफ से सबसे पहले हिताची कंपनी के मैनेजर घनश्याम ओमर ने पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने जब एटीएम की फुटेज खंगाली तो यह घोटाला उजागर हुआ और कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस का कहना है कि इस तरह की संगठित वारदात में तकनीकी जानकारी और अंदरूनी सहयोग का उपयोग किया गया है।

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