April 30, 2026

जापान में 6.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, हचिनोहे में दहशत—हॉक्काइडो से मियागी तक सुनामी अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने दोपहर 12:50 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा की; पिछले हफ्ते 7.5 तीव्रता के भूकंप ने मचाई थी भारी तबाही, हजारों लोग हुए थे विस्थापित

जापान में शुक्रवार सुबह एक बार फिर जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे तटीय इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार झटके आओमोरी प्रीफेक्चर के हचिनोहे क्षेत्र में महसूस हुए, जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.7 मापी गई। भूकंप की गहराई 10.7 किलोमीटर बताई गई, जिसके कारण कंपन व्यापक क्षेत्र में महसूस किए गए। भूकंप के तुरंत बाद ही जापान के मौसम विभाग (JMA) ने सुनामी की चेतावनी जारी कर दी, जिससे समुद्र से सटे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई।

जापान मौसम विभाग ने बताया कि आओमोरी के पूर्वी तट के पास आए इस भूकंप के बाद संभावित सुनामी पर विस्तृत जानकारी के लिए दोपहर 12:50 बजे एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। विभाग ने सोशल मीडिया पर भी इस संबंध में आधिकारिक नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।

हॉक्काइडो, आओमोरी, इवाते और मियागी प्रीफेक्चरों के प्रशांत तट वाले इलाकों के लिए सुनामी अलर्ट घोषित किया गया है। इससे पहले इसी सप्ताह जापान में 7.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसने कई इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया था। उस विनाशकारी भूकंप में 30 लोग घायल हुए थे और करीब 90 हजार लोगों को अपने घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। लगातार भूकंपों की वजह से इन क्षेत्रों में लोगों के बीच भय और सतर्कता का माहौल है।

नुकसान के आंकलन की बात करें तो प्रशासन अभी स्थिति का जायजा ले रहा है। 5 से ऊपर की तीव्रता वाले झटके आमतौर पर खतरनाक माने जाते हैं और भारी नुकसान की आशंका रहती है। हालांकि, ताजा भूकंप में अभी तक किसी तरह की जान-माल की हानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

पिछले भूकंप का एपिसेंटर आओमोरी प्रीफेक्चर के तट से करीब 80 किलोमीटर दूर और 54 किलोमीटर की गहराई में था। उस समय भूकंप के बाद ईस्ट जापान रेलवे को कई ट्रेन सेवाएं रोकनी पड़ी थीं। लगातार भूकंपों से जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर आपदा प्रबंधन एजेंसियां उच्च सतर्कता पर हैं, जबकि राहत दल हर तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखे गए हैं।

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