फोर्ब्स की 22वीं ‘100 मोस्ट पावरफुल वुमेन’ लिस्ट में उर्सुला वॉन डेर लेयेन पहले, क्रिस्टीन लगार्ड दूसरी और जापान की नई PM साने ताकाइची तीसरे स्थान पर; इटली की PM मेलोनी चौथे नंबर पर पहुंचीं
फोर्ब्स मैगजीन ने अपनी 22वीं वार्षिक 100 मोस्ट पावरफुल वुमेन लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें दुनियाभर की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक प्रभाव रखने वाली महिलाओं को स्थान दिया गया है। इस बार की सूची में तीन ऐसी महिलाएं सामने आई हैं जो प्रभाव और शक्ति के मामले में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से भी आगे निकल गई हैं। इनमें सबसे खास नाम है जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का, जिन्हें चीन की कड़ी विरोधी माना जाता है। ताकाइची इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं, जबकि मेलोनी चौथे स्थान पर पहुंची हैं।
लिस्ट में पहला स्थान यूरोपियन कमिशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को मिला है, जो अपने कार्यकाल में यूक्रेन युद्ध, यूरोप की आर्थिक स्थिति, ऊर्जा संकट और वैश्विक कूटनीतिक चुनौतियों के बीच यूरोपियन यूनियन का नेतृत्व कर चुकी हैं। उनके बाद दूसरे स्थान पर यूरोपियन सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लगार्ड हैं, जिन्होंने वैश्विक वित्तीय अस्थिरता के समय यूरोपीय अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जापान की नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची का नाम चर्चा में इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने पद संभालने के तुरंत बाद ही चीन के खिलाफ अपने सख्त रुख से अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग पहचान बनाई। ताकाइची ने संसद में कहा था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है और जापान की सुरक्षा को खतरा होता है, तो जापान जवाबी कार्रवाई कर सकता है। इस बयान से चीन भड़क गया और दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया। फोर्ब्स ने ताकाइची को ‘कट्टर कंजर्वेटिव’ बताते हुए लिखा कि वे ब्रिटेन की पूर्व PM मार्ग्रेट थैचर को अपना आदर्श मानती हैं।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जो यूरोप की सबसे चर्चित दक्षिणपंथी नेताओं में से एक हैं, इस लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं। 2022 में इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने के बाद मेलोनी ने सामाजिक रूढ़िवाद, सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी और आर्थिक संरक्षणवाद को अपने कार्यकाल की प्राथमिकता में रखा। उनकी पार्टी “ब्रदर्स ऑफ इटली” को यूरोप के राष्ट्रवादी धड़े का प्रमुख चेहरा माना जाता है। मेलोनी का राजनीतिक सफर 15 साल की उम्र में इटैलियन सोशल मूवमेंट की युवा शाखा से शुरू हुआ था।
फोर्ब्स की इस सूची में कुल 25 देशों की महिलाएं शामिल हैं, जिनमें से लगभग आधी उत्तरी अमेरिका से हैं। इस सूची में 44% महिलाएं प्रमुख वैश्विक कंपनियों की सीईओ हैं, जबकि पूर्वी एशिया की कई प्रभावशाली नेताओं और व्यवसायियों को भी स्थान मिला है। साने ताकाइची के अलावा चीन, हांगकांग और सिंगापुर की कई महिलाएं इनमें शामिल हैं। फोर्ब्स का कहना है कि ये महिलाएं वैश्विक नेतृत्व के नए दौर का प्रतिनिधित्व करती हैं, जहां नवाचार, कूटनीति और सामाजिक बदलाव नई दुनिया को दिशा दे रहे हैं।
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