India-UK FTA: भारत-यूके व्यापार में नया युग, पीएम मोदी और कीर स्टारमर की मौजूदगी में जल्द होंगे समझौते पर दस्तखत

भारत और ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों—नरेंद्र मोदी और कीर स्टारमर—की मौजूदगी में जल्द ही इस ऐतिहासिक समझौते पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ब्रिटिश सरकार ने इसे यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के बाद का सबसे बड़ा आर्थिक द्विपक्षीय समझौता करार दिया है। इसके तहत दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के रास्ते और अधिक खुलेंगे।

ब्रिटेन ने गुरुवार को घोषणा करते हुए कहा कि इस समझौते के लागू होने से भारतीय उपभोक्ताओं को ब्रिटेन के प्रमुख उत्पाद जैसे सॉफ्ट ड्रिंक्स, कॉस्मेटिक्स, कारें और चिकित्सा उपकरणों तक और बेहतर पहुंच मिलेगी। साथ ही इन उत्पादों पर लगने वाला औसत आयात शुल्क भी घटकर 15 प्रतिशत से केवल 3 प्रतिशत रह जाएगा, जिससे भारतीय बाजार में ब्रिटिश उत्पाद सस्ते होंगे। इसी क्रम में ‘यूके-भारत विजन 2035’ भी लॉन्च किया जाएगा, जो वैश्विक परिस्थितियों में तेजी से बदलते रिश्तों को नई दिशा देगा।

दूसरी ओर, ब्रिटिश उपभोक्ताओं को भी अब भारतीय उत्पादों को कम कीमत पर खरीदने का मौका मिलेगा। ब्रिटेन सरकार के अनुसार, वह भारत से हर साल करीब 11 अरब पाउंड मूल्य के वस्त्र और परिधान आयात करता है। अब FTA के तहत इन वस्तुओं पर शुल्क कम होने से ब्रिटिश बाजार में भारतीय वस्तुओं की प्रतिस्पर्धा और मांग दोनों में इज़ाफा होगा। इससे भारतीय कंपनियों के लिए निर्यात के नए अवसर खुलेंगे और ब्रिटेन में उनकी पहुंच और मजबूत होगी।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस समझौते को “ब्रिटेन की एक बड़ी जीत” करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत के साथ हुआ यह करार न केवल हज़ारों नई नौकरियां पैदा करेगा बल्कि ब्रिटेन के हर हिस्से में व्यापार और निवेश के नए रास्ते खोलेगा। उन्होंने इसे अपने आर्थिक परिवर्तन एजेंडा का एक अहम हिस्सा बताया।

FTA पर होने जा रहा यह करार भारत-ब्रिटेन संबंधों में एक नया अध्याय लिखेगा। दोनों देशों की सरकारों को उम्मीद है कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 34 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने में मदद करेगा और साथ ही आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और विकास के नए अवसर भी लेकर आएगा।

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