बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हालात अचानक फिर से बिगड़ गए हैं। पिछले 24 घंटों में ढाका और आसपास के इलाकों में 5 धमाके हुए हैं, जबकि 17 बसों को आग के हवाले कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हिंसा आवामी लीग के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई है, जो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं। हालात बेकाबू होते देख ढाका और मेमन सिंह जैसे बड़े शहरों में सेना की तैनाती की गई है।
स्थानीय मीडिया प्रथम आलो के अनुसार, गुरुवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने कमालपुर स्टेशन और गोपालगंज पीडब्ल्यूडी ऑफिस के बाहर आगजनी की, जहां दो बसें पूरी तरह जल गईं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार शेख हसीना को राजनीतिक साजिश के तहत फंसा रही है। बताया जा रहा है कि इंटरनेशनल कोर्ट में हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में आज फैसला आने वाला है, जिसे लेकर उनके समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई है।
जुलाई 2024 के विद्रोह के दौरान शेख हसीना पर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश देने का आरोप है। उस दौरान कई लोगों की मौत हुई थी, और इसी मामले में अब हसीना व उनके सहयोगियों पर मुकदमा चल रहा है। दूसरी ओर, यूनुस सरकार का कहना है कि यह हिंसा हसीना की साजिश है, जो देश को फिर से अराजकता में झोंकना चाहती हैं।
बांग्लादेश पुलिस ने अब तक आवामी लीग के 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। सरकार ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है, जबकि बीजीपी और सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ढाका की सड़कों पर तनाव गहराता जा रहा है, और प्रशासन को आशंका है कि फैसला आने के बाद हिंसा और बढ़ सकती है।
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