उत्तराखंड के केदारनाथ में चारधाम यात्रा के दौरान हुए पिनेकल एयर हेलीकॉप्टर हादसे की जांच रिपोर्ट सामने आई है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हादसे के समय बिजली सप्लाई बाधित थी, जिसकी वजह से पायलट को मौसम की जानकारी नहीं मिल पाई। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौसम अपडेट के लिए कोई बैकअप सिस्टम भी मौजूद नहीं था, जिससे दुर्घटना की स्थिति और गंभीर हो गई।
AAIB की रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि चारधाम हेलीकॉप्टर सर्किट में एक मज़बूत सुरक्षा तंत्र और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जाए, ताकि ऑपरेटर्स को समय पर मौसम की जानकारी मिल सके। जांच में पाया गया कि 17 मई को सुबह करीब 8:54 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक बिजली न होने के कारण मौसम डेटा साझा नहीं किया जा सका। इस दौरान पायलट को घाटी की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं मिल पाई, जो उड़ान के लिए बेहद जरूरी होती है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि केदारनाथ हेलीपैड पर लगी ऑटोमैटिक मौसम मशीन सामान्यतः लाइव अपडेट देती है और उसका डेटा कंप्यूटर से जुड़ा होता है। यह जानकारी UCADA (उत्तराखंड एविएशन अथॉरिटी) के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पायलट्स तक पहुंचाई जाती है। लेकिन बिजली की आपूर्ति बाधित होने से सिस्टम बंद रहा और किसी को भी मौसम संबंधी डेटा नहीं भेजा जा सका।
AAIB ने यह भी कहा कि हेलीकॉप्टर संचालन के दौरान विजिबिलिटी चेक के लिए सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जाता है, लेकिन इसके लिए कोई औपचारिक दिशा-निर्देश (SOP) मौजूद नहीं है। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए हेलीकॉप्टर संचालन प्रणाली में पावर बैकअप, स्वचालित मौसम संचार और वैकल्पिक संचार चैनल सुनिश्चित किए जाएं।
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