“जब ऊपर गया तो भतीजी खून से लथपथ पड़ी थी…” – राधिका यादव हत्याकांड में चाचा का बड़ा खुलासा, टूटा भरोसा और खुलती परतें
हरियाणा के गुरुग्राम में टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की बेरहमी से हत्या के मामले में अब उसके चाचा का बयान सामने आया है, जिसने पूरे घटनाक्रम की गवाही दी है। राधिका को उसी के पिता दीपक यादव ने गोली मार दी थी, और अब परिवार का वह हिस्सा भी सामने आ गया है जो इस पूरे मंजर का प्रत्यक्षदर्शी रहा — उसका चाचा कुलदीप यादव।
गुरुवार 10 जुलाई की सुबह करीब साढ़े 10 बजे कुलदीप अपने ग्राउंड फ्लोर वाले घर में थे। तभी उन्हें एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। वह तुरंत अपने बेटे पीयूष के साथ ऊपर भागे — और जैसे ही फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचे, आंखों के सामने का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। राधिका खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थी, शरीर से गोलियों के घाव साफ दिख रहे थे। चाचा और भतीजे ने उसे तुरंत सेक्टर-56 के एशिया मरीनो हॉस्पिटल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
राधिका के चाचा ने पुलिस को बताया कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि उनके बड़े भाई — दीपक यादव — इस हद तक जा सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमारे बीच कभी कोई बड़ी पारिवारिक परेशानी नहीं थी। राधिका होनहार लड़की थी, वो हमारी शान थी। पता नहीं भैया ने ऐसा क्यों किया।”
क्यों चढ़ा पिता का पारा?
दीपक यादव का पुलिस को दिया गया कबूलनामा चौंकाने वाला है। उसने कहा कि वह समाज के तानों से परेशान था। लोग कहते थे कि वह बेटी के पैसों पर जी रहा है और उसकी बेटी चरित्रहीन है। ये बातें वह बर्दाश्त नहीं कर सका। उसने राधिका से कहा था कि वह टेनिस अकादमी बंद कर दे, लेकिन राध
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