म्यूजिक वीडियो बना था सपनों का ज़रिया, बन गया मौत की वजह — राधिका यादव मर्डर केस में सामने आया ‘कारवां’ एंगल
हरियाणा के गुरुग्राम में टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या के मामले में जितनी गहराई से जांच आगे बढ़ रही है, उतने ही चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। 25 साल की यह होनहार लड़की, जो कभी देश के लिए खेलना चाहती थी और अब एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनने का सपना देख रही थी, अपने ही पिता के हाथों गोलियों का शिकार बन गई — और अब इस सनसनीखेज मर्डर केस में ‘कारवां’ नाम का म्यूजिक वीडियो चर्चा में है।
राधिका ने एक साल पहले स्वतंत्र कलाकार INAAM के साथ एक गाने में काम किया था, जिसका टाइटल था “कारवां चलता रहा मेरा…”। इस गाने को LLF रिकॉर्ड्स ने प्रोड्यूस किया था और इसे जीशान अहमद द्वारा निर्देशित किया गया था। वीडियो में राधिका ने कई सीन किए थे, जिन्हें लेकर उसके पिता दीपक यादव खासे नाराज थे। उन्होंने राधिका से यह वीडियो सोशल मीडिया से हटाने के लिए कहा, लेकिन राधिका नहीं मानी।
सपनों पर पड़ी समाज की छाया
राधिका के पिता दीपक यादव को समाज के तानों ने अंदर तक तोड़ दिया था। पुलिस के अनुसार, दीपक अकसर सुनता था कि वो बेटी की कमाई खा रहा है, बेटी ‘गलत संगत’ में है, और एक पिता होकर उसे ऐसा नहीं करना चाहिए। टेनिस अकादमी चलाने के साथ-साथ राधिका सोशल मीडिया पर भी सक्रिय थी और एक इन्फ्लुएंसर के रूप में अपना करियर बनाना चाहती थी। यह सब उसके पिता को स्वीकार नहीं था।
जब पिता ने ही तोड़ दिए जीवन के सपने
गुरुवार की सुबह करीब 10:30 बजे, जब राधिका किचन में अपने मां के लिए खाना बना रही थी, तभी पिता ने पीछे से आकर .32 बोर की लाइसेंसी रिवॉल्वर से 5 गोलियां दाग दीं। तीन गोलियां उसकी पीठ पर लगीं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
पहले तो दीपक यादव और परिवार ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि राधिका ने खुद को गोली मारी है। लेकिन जब पुलिस ने घटनास्थल की जांच की, सबूत जुटाए और सवालों की बौछार की, तो दीपक टूट गया और उसने सब कुछ उगल दिया।
घर में थे बस तीन लोग… और एक साजिश
घटना के वक्त घर पर दीपक, उसकी पत्नी मंजू और राधिका ही मौजूद थे। भाई धीरज ऑफिस गया हुआ था। मां मंजू ने दावा किया कि वह बीमार थीं और कमरे में आराम कर रही थीं, इसलिए उन्हें कुछ पता नहीं चला। लेकिन अब तक उन्होंने कोई लिखित बयान नहीं दिया है।
एक वीडियो, एक सपना, और एक अंत
राधिका के लिए ‘कारवां’ सिर्फ एक वीडियो नहीं था, वो एक नए सफर की शुरुआत थी। लेकिन पिता की नजर में यह एक ऐसा दाग बन गया था, जो उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को खा रहा था। वीडियो डिलीट न करने की जिद और टेनिस अकादमी बंद न करने की आज़ादी — इन्हीं दो वजहों से दीपक यादव ने वह कर डाला, जो शायद किसी पिता को सपने में भी नहीं करना चाहिए।
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, रिवॉल्वर जब्त कर ली गई है, और जांच जारी है। लेकिन समाज के मन में सवाल अब भी बाकी है — क्या एक पिता की ‘इज्जत’ उसकी बेटी के जीवन से बड़ी हो सकती है?
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