हापुड़: सेवादार बनकर दो करोड़ का कलश चुराने वाला भूषण वर्मा गिरफ्तार, बेटी की शादी के लिए जुटा रहा था पैसा
दिल्ली के लालकिला पार्क से चोरी हुए कीमती कलशों का राज आखिरकार खुल गया है। उत्तर प्रदेश की हापुड़ पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड भूषण वर्मा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चोरी किए गए सभी कलश भी बरामद कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि चोरी गए कलशों की कीमत लगभग दो करोड़ रुपये है। इन कलशों में सोना और हीरे जड़े हुए थे, जिन्हें जैन समाज के धार्मिक आयोजन से चुराया गया था।
पुलिस के मुताबिक, चोरी की घटना 3 सितंबर को हुई थी, जब लालकिला पार्क में जैन समाज का धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आरोपी भूषण वर्मा ने खुद को सेवादार बनाकर कार्यक्रम में एंट्री की और मौका पाते ही तीन कलश गायब कर दिए। इनमें से एक कलश 760 ग्राम सोने और 150 ग्राम हीरे से जड़ा हुआ था, जबकि बाकी दो शुद्ध सोने के बने हुए थे। इस वारदात के बाद से ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था।
भूषण वर्मा मूल रूप से असौड़ा गांव का रहने वाला है, लेकिन वह पिछले एक साल से हापुड़ की वैशाली कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रह रहा था। उसके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। बताया जा रहा है कि दो महीने बाद उसकी बड़ी बेटी की शादी होने वाली थी। पुलिस पूछताछ में भूषण ने स्वीकार किया कि उसने कलशों को बेचकर शादी के खर्चे पूरे करने की योजना बनाई थी। यही वजह थी कि उसने इस बड़ी चोरी को अंजाम दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भूषण वर्मा को वे सर्राफा कारोबारी समझते थे। हालांकि, असल में वह ड्राइवर था और चोरी उसका असली काम था। उसके खिलाफ पहले से ही पांच मामले दर्ज हैं और साल 2016 में भी वह चोरी के मामले में जेल जा चुका है। पिछले साल भी उसने दिल्ली के लाल मंदिर और अशोक विहार स्थित मंदिर से कलश चोरी किए थे। अपने अपराधों के उजागर होने के डर से ही उसने अपना ठिकाना बदलकर वैशाली कॉलोनी में शरण ली थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि भूषण वर्मा खास तौर पर जैन समाज के धार्मिक आयोजनों को ही निशाना बनाता था। क्योंकि इन आयोजनों में उपयोग किए जाने वाले कलश सोने के और रत्नजड़ित होते हैं। वह जैन संत या सेवादार बनकर आयोजनों में शामिल होता और फिर मौके का फायदा उठाकर चोरी कर लेता था। हापुड़ पुलिस अब भूषण वर्मा के पूरे नेटवर्क और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है। इस गिरफ्तारी के बाद इलाके में लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर कैसे धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजाम इतने लापरवाह रहे कि करोड़ों की चोरी इतनी आसानी से हो गई।
Share this content:
