April 25, 2026

शारदीय नवरात्रि 2025 कैलेंडर: 22 सितंबर से होगी मां दुर्गा की आराधना की शुरुआत

साल 2025 में शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 22 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। यह नवरात्रि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर नवमी तिथि तक चलता है और दसवें दिन विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत-उपवास के साथ मां की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। शारदीय नवरात्रि का महत्व अन्य नवरात्रियों की तुलना में सबसे अधिक माना जाता है, क्योंकि यह शरद ऋतु में आता है और इस दौरान भक्तिभाव और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है, जिसे कलश स्थापना भी कहा जाता है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसी क्षण से नवरात्रि के अनुष्ठानों की शुरुआत होती है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है और भक्त उपवास का संकल्प लेते हैं। इसके बाद क्रमशः मां ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। हर दिन देवी के एक अलग स्वरूप की पूजा करके भक्त उनसे विशेष कृपा की कामना करते हैं।

शारदीय नवरात्रि केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इन दिनों में घर-घर में भजन-कीर्तन, दुर्गा सप्तशती का पाठ और देवी जागरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। वहीं जगह-जगह पंडाल सजाए जाते हैं और भव्य रूप से मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना की जाती है। भक्तजन दिन-रात मां की आराधना में लीन रहते हैं और इस दौरान वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो जाता है। नवरात्रि का यह पर्व न केवल आत्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि परिवार और समाज को एकजुट करने का भी कार्य करता है।

इस बार 22 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक चलने वाली शारदीय नवरात्रि में भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व होगा। कहा जाता है कि जो साधक श्रद्धा और नियमों के साथ मां दुर्गा के नौ दिनों तक व्रत करते हैं, उनके जीवन से कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। नवरात्रि का समापन दशहरे के दिन रावण दहन और विजय उत्सव के साथ होता है, जो असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है।

इस प्रकार शारदीय नवरात्रि न केवल आध्यात्मिक साधना का पर्व है, बल्कि यह हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, नई शुरुआत और अच्छे कार्यों के प्रति प्रेरणा भी प्रदान करता है। साल 2025 की नवरात्रि भक्तों के लिए विशेष महत्व लेकर आ रही है और पूरे देश में उत्साहपूर्वक मनाई जाएगी।

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