April 21, 2026

गुजरात: पत्नी की जगह बुजुर्ग की जली लाश छोड़ प्रेमी संग भागी महिला, रेलवे स्टेशन से हुआ चौंकाने वाला खुलासा

गुजरात के पाटन ज़िले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पुलिस बल्कि पूरे इलाके को चौंका दिया। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर एक अधेड़ दलित मजदूर की हत्या कर दी और उसकी लाश को इस तरह तैयार किया गया, जैसे वो खुद मर गई हो। शव को महिला के कपड़े—घाघरा और चोली—पहनाए गए, ताकि उसके घरवाले और गांववाले यही समझें कि उसकी मौत हो गई है। लेकिन कहानी तब पूरी तरह से पलट गई, जब पुलिस ने तह तक जाकर जांच की और असली साजिश का पर्दाफाश किया।

क्या है पूरा मामला?

घटना पाटन जिले के जाखोत्रा गांव की है, जहां रहने वाली 23 वर्षीय गीता पहले से शादीशुदा थी। उसका विवाह सुरेश गेंगा भीमा नामक युवक से हुआ था और दोनों की एक तीन साल की बेटी भी है। गीता का गांव के ही युवक भरत लुभाअहिर से प्रेम-प्रसंग चल रहा था और दोनों ने घर से भागने की योजना बनाई। लेकिन गीता चाहती थी कि घरवाले यह समझें कि वह मर चुकी है, ताकि उन्हें तलाशने की कोशिश न की जाए। इस खौफनाक योजना को अंजाम देने के लिए दोनों ने गांव के ही 56 वर्षीय दलित मजदूर हरजी देभा सोलंकी को अपना शिकार बनाया।

कैसे रची गई हत्या की साजिश?

पुलिस जांच में सामने आया कि गीता और भरत ने पहले हरजी सोलंकी को शराब पिलाई, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद दोनों ने उसे मार डाला और फिर उसकी लाश को गीता के ही कपड़ों—नारंगी और बैंगनी घाघरा-चोली—में लपेट दिया। यहां तक कि शव के पैरों में चांदी की पायल भी पहनाई गई, ताकि कोई शक न हो। इसके बाद शव को जला दिया गया और गीता भरत के साथ फरार हो गई।

पति को मिली लाश, पुलिस को दी सूचना

घटना की अगली सुबह 27 मई को गीता का पति सुरेश अपनी बेटी की रोने की आवाज़ पर नींद से उठा। जब वह घर के पीछे गया, तो वहां उसे एक अधजला शव मिला, जो उसकी पत्नी के कपड़ों में था। शव को देख सुरेश बदहवास हो गया और रोते हुए बोला—”गीता, ये तूने क्या कर लिया!” उसे लगा कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली है। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पलटी कहानी

जब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तो जांच में एक चौंकाने वाला सच सामने आया। शव गीता का नहीं, बल्कि 56 वर्षीय दलित मजदूर हरजी सोलंकी का था, जो जाखोत्रा से सात किलोमीटर दूर वौवा गांव का रहने वाला था। इसके बाद पुलिस ने गीता और भरत की तलाश शुरू की।

रेलवे स्टेशन से पकड़ाए प्रेमी जोड़े

पुलिस को जानकारी मिली कि गीता और भरत जोधपुर भागने की फिराक में हैं। 28 मई की सुबह करीब 4 बजे पुलिस ने पालनपुर रेलवे स्टेशन से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्या की वजह बताई।

इलाके में बढ़ा तनाव, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से खुला राज

शुरुआत में शव की हालत और दलित होने की वजह से मामला सांप्रदायिक रंग लेता दिखाई दे रहा था। लेकिन पुलिस ने समय रहते सच्चाई सामने लाकर माहौल को संभाल लिया। हत्या की साजिश इतनी फिल्मी और खौफनाक थी कि पूरे गांव में सनसनी फैल गई है।

 

फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस ने मृतक के परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि अगर इसमें कोई और शामिल हो तो उसे भी पकड़ा जा सके।

यह पूरा मामला यह दिखाता है कि कैसे व्यक्तिगत लालच और प्रेम-प्रसंग के चलते एक निर्दोष की जान ले ली गई और एक परिवार उजड़ गया। पुलिस की सतर्कता और तेज़ जांच से एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ हुआ है, जिससे इलाके में कुछ राहत की सांस ली गई है।

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