गोरखपुर में संदिग्ध हालात में मिली महिला की लाश, पति पुलिस विभाग में तैनात, बेटी के रोने की आवाज ने खोला राज
गुरुवार सुबह गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तीन साल की बच्ची के लगातार रोने की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने दरवाजा खोला और सामने जो नज़ारा देखा, उसने सबको स्तब्ध कर दिया। पर्दे से लटकते हुए एक महिला का शव कमरे में झूल रहा था। यह महिला कोई आम महिला नहीं, बल्कि डायल 112 में तैनात सिपाही की पत्नी थी।
मामला बिछिया अकोलवा इलाके का है, जहां पुलिसकर्मी अमित राय अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहते हैं। गुरुवार की सुबह वह अपनी ड्यूटी पर जा चुके थे। उनका 8 साल का बेटा स्कूल चला गया था और तीन साल की बेटी घर पर अपनी मां साधना राय (32) के साथ थी। कुछ ही देर में घर से बच्ची के रोने की आवाजें आने लगीं, जिसे सुनकर आसपास के लोग चिंतित हो उठे। जब वे दरवाजा खोलकर अंदर घुसे, तो उन्हें महिला का शव फंदे से झूलता मिला।
तुरंत ही शाहपुर पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की, लेकिन साधना के मायकेवालों ने शव को उतारने से मना कर दिया। परिवार का आरोप है कि साधना लंबे समय से अपने पति की शराब की लत और घरेलू कलह से परेशान थी।
सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन शुरुआती जांच में घरेलू तनाव और मानसिक पीड़ा को कारण माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कानून व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मी अपनी ही गृहस्थी को संभाल पा रहे हैं? एक छोटी बच्ची की मासूम आंखों में मां को खो देने का जो दर्द अब लिखा गया है, वो शायद कभी मिट नहीं पाएगा।
पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है और यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और सच छिपा है।
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