जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, मुठभेड़ में एक जवान शहीद
जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में बुधवार सुबह आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया। यह मुठभेड़ LOC के पास स्थित चिरुंडा गांव में तब शुरू हुई, जब पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ का प्रयास किया गया। सीमा पर तैनात जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखते ही मोर्चा संभाल लिया और गोलाबारी का जवाब देते हुए इलाके को चारों ओर से घेर लिया।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब साढ़े पांच बजे यह घटना सामने आई। घुसपैठिए दुर्गम पहाड़ी रास्तों से भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। सेना की सतर्कता के कारण उनकी योजना नाकाम हो गई, लेकिन इसी दौरान हुई गोलीबारी में एक बहादुर जवान ने अपनी जान न्योछावर कर दी। सेना ने मौके पर अतिरिक्त टुकड़ियां भेजकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, ताकि किसी भी आतंकी को भागने का मौका न मिले।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान कई घंटों तक गोलियों और विस्फोटों की आवाज गूंजती रही। सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर आस-पास के गांवों में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। स्वतंत्रता दिवस से पहले संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है, ताकि किसी भी आतंकी हमले की साजिश को नाकाम किया जा सके।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां फिर से तेज़ होती दिख रही हैं। पिछले हफ्ते किश्तवाड़, कठुआ और बारामूला में एक साथ तीन मुठभेड़ों में चार आतंकियों को ढेर किया गया था। इन अभियानों में भारतीय सेना के दो जवान शहीद और दो गंभीर रूप से घायल हुए थे। लगातार हो रही इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि सीमा पार से आतंकी संगठनों के इशारे पर घुसपैठ की कोशिशें बढ़ाई जा रही हैं।
सेना के प्रवक्ता के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से ऐसे प्रयास लगातार हो रहे हैं, लेकिन भारतीय सेना पूरी तरह चौकस है और हर हाल में घुसपैठ को नाकाम करने के लिए सक्षम है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि LOC पर तैनात जवान कठिन मौसम और मुश्किल परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा के लिए हर चुनौती का सामना कर रहे हैं। इस घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और निगरानी ड्रोन की मदद से भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
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