April 18, 2026

गौतम अडानी ने मिडिल ईस्ट की जंग को बताया ऊर्जा के लिए बड़ा खतरा, अमेरिकी आरोपों पर दी दो टूक सफाई

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने मंगलवार को आयोजित अडानी एंटरप्राइजेज की सालाना आम बैठक (AGM) में मिडिल ईस्ट में चल रही जंग, अमेरिकी आरोपों और ग्रुप की भविष्य रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मिडिल ईस्ट संघर्ष को वैश्विक ऊर्जा सप्लाई और लॉजिस्टिक्स के लिए खतरा बताया। साथ ही कहा कि भारत की मज़बूत अर्थव्यवस्था के चलते अडानी ग्रुप वैश्विक संकटों के बीच भी मजबूती से खड़ा रहा।

गौतम अडानी ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय और FCC से जुड़े आरोपों पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने साफ कहा कि अडानी ग्रीन एनर्जी पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और ग्रुप का कोई भी सदस्य न तो FCPA कानून तोड़ने का दोषी पाया गया है और न ही न्याय में बाधा डालने का। उन्होंने पारदर्शिता और नियमों के प्रति प्रतिबद्धता की बात दोहराई।

AGM के दौरान अडानी ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट का भी ज़िक्र किया और बताया कि किस तरह ग्रुप ने उस चुनौतीपूर्ण समय से उबरते हुए 40,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी जुटाई, जिससे दो साल के कर्ज को चुकाने का इंतज़ाम हुआ। उन्होंने कहा कि जब अधिकतर कंपनियां ऐसे हमले से टूट जाती हैं, तब अडानी ग्रुप और मजबूत होकर उभरा।

धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को उन्होंने दुनिया का सबसे बड़ा स्लम पुनर्विकास कार्यक्रम बताया। गौतम अडानी ने कहा कि अगले 10 वर्षों में धारावी को पूरी तरह बदल दिया जाएगा, जिससे करीब 10 लाख लोगों की ज़िंदगी में बदलाव आएगा।

वित्तीय मोर्चे पर बात करते हुए अडानी ने बताया कि समूह ने बीते वित्त वर्ष में ₹82,917 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA और ₹40,129 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। अंबुजा, ACC और APSEZ जैसी तीन कंपनियों को AAA रेटिंग मिली है, जो अडानी ग्रुप की वित्तीय साख और स्थिरता को दर्शाती है।

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