फिरोजाबाद: 16 साल पुराने पान की दुकान विवाद में 9 लोगों को उम्रकैद, मामूली कहासुनी ने छीनी एक जान
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से एक चौंकाने वाला फैसला सामने आया है, जहां एक मामूली विवाद से शुरू हुआ झगड़ा एक हत्या तक जा पहुंचा था और अब, पूरे 16 साल बाद कोर्ट ने इस मामले में नौ लोगों को उम्रकैद की सजा सुना दी है। यह घटना 14 जुलाई 2009 की है, जब एक पान की दुकान पर दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ गया कि अगले ही दिन गोलीबारी में एक युवक की जान चली गई थी।
क्या हुआ था 2009 में?
14 जुलाई 2009 को फिरोजाबाद की एक चर्चित पान की दुकान पर दो पक्षों में कहासुनी हो गई थी। पहले तो बात मारपीट तक सीमित रही, लेकिन अगले दिन 15 जुलाई को सनी नाम के युवक ने सागर सिंह के भाई रीतेश कुमार पर गोली चला दी, जिससे वह घायल हो गया। इसी घटना के दौरान विशाल सिंह की हत्या हो गई थी।
किन्हें सजा मिली?
विशाल सिंह की हत्या के मामले में मुकदमा वादी वृजकिशोर सिंह के बेटे चंदर सिंह ने मोहल्ले के ही नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इनमें गिरीश, सागर, रीतेश, विमल कुमार, मौनू, विष्णुकांत, सुनील, नितिन कुमार और राहुल को कोर्ट ने हत्या का दोषी पाया और सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई। इनके अलावा दूसरे पक्ष के सनी और विजय, जो सगे भाई हैं, उन्हें भी रीतेश पर हमले के लिए दोषी पाया गया और सजा दी गई।
कोर्ट का फैसला
फिरोजाबाद की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2) विमल वर्मा ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए नौ दोषियों को उम्रकैद के साथ 24-24 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला एक गंभीर अपराध का है, जिसमें जानबूझकर हत्या की गई।
एक सीख
यह मामला इस बात की चेतावनी है कि कैसे एक छोटी सी कहासुनी भी जानलेवा रूप ले सकती है, अगर समय रहते उसे शांत न किया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस दिन विवाद को गंभीरता से सुलझा लिया गया होता, तो एक जान बच सकती थी और कई जिंदगियां बरबाद होने से बच जातीं।
फैसले से मृतक के परिजनों ने राहत की सांस ली है, वहीं दोषियों के परिवारों में मायूसी और शोक का माहौल है।
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