फिरोजाबाद में एक दिन… जलती स्कूल वैन से निकले मासूम, हाईवे पर पलटा ऑटो: मौत और दहशत से भरा शुक्रवार

फिरोजाबाद जिले में शुक्रवार का दिन हादसों और अफरा-तफरी से भरा रहा। एक तरफ स्कूल वैन में आग लगने से मासूम बच्चों की जान जोखिम में पड़ गई, वहीं दूसरी ओर हाईवे पर तेज़ रफ्तार ऑटो पलटने से एक मजदूर की जान चली गई और उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। दोनों हादसों ने न केवल लोगों को झकझोर दिया, बल्कि स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्कूल वैन में गैस रिफिलिंग बना काल: जलती वैन से निकले चीखते मासूम

फिरोजाबाद के एका थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक प्राइवेट स्कूल की वैन, जो बच्चों को स्कूल ले जा रही थी, रामपुर रोड पर अचानक आग की लपटों में घिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वैन की गैस खत्म हो जाने पर चालक ने वहीं सड़क किनारे गैस रिफिलिंग शुरू कर दी। इसी दौरान गैस लीकेज हो गया और वैन ने भयंकर आग पकड़ ली।

वैन में बैठे बच्चों की चीख-पुकार मच गई। आग इतनी तेज़ थी कि चंद पलों में पूरी वैन लपटों में घिर गई। गनीमत रही कि वहीं मौजूद बबलू और मुकेश नामक दो युवकों ने जान की परवाह किए बिना बच्चों को जलती वैन से बाहर निकाला। सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन अनायास पुत्र विनय कुमार झुलस गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। वैन पूरी तरह जलकर राख हो गई। बच्चों के बैग, किताबें और कॉपियां भी जल गईं। मौके पर पहुंचे अभिभावक अपने बच्चों को गले लगाकर रोते नजर आए।

हाईवे पर पलटा तेज़ रफ्तार ऑटो, दंपती को रौंदा हादसे ने

उधर, फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गांव दखिनारा निवासी खूबलाल (58) अपनी पत्नी मायादेवी के साथ आसफाबाद से लौट रहे थे। वे मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। दोपहर करीब दो बजे, जब उनका ऑटो बालाजी मंदिर के पास पहुंचा, तभी तेज रफ्तार के चलते ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया।

हादसे के बाद ऑटो में चीख-पुकार मच गई। खूबलाल और मायादेवी गंभीर रूप से घायल हो गए। लेकिन इंसानियत को शर्मसार करता दृश्य तब सामने आया जब ऑटो चालक उन्हें वहीं छोड़कर ऑटो समेत मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंचे एंबुलेंस कर्मियों ने दोनों को संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने खूबलाल को मृत घोषित कर दिया। मायादेवी का इलाज जारी है।

प्रशासन पर सवाल, सिस्टम से नाराज़गी

दोनों घटनाओं ने फिरोजाबाद जिले में सुरक्षा और जिम्मेदारी के दावों की पोल खोल दी है। बच्चों से भरी वैन में चलती सड़क पर गैस रिफिलिंग जैसी लापरवाही, और हादसे के बाद ऑटो चालक का भाग जाना – ये दर्शाता है कि मानवीय संवेदनाएं अब नियमों और जिम्मेदारी से पीछे छूटती जा रही हैं।

स्थानीय लोगों और परिजनों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्कूल प्रबंधन, वाहन चालकों और ट्रैफिक सिस्टम की लापरवाही को नजरअंदाज़ करना अब मासूमों और आम लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है।

निष्कर्ष: कब जागेगा सिस्टम, कब रुकेगी लापरवाही?

फिरोजाबाद में शुक्रवार का दिन एक सख्त चेतावनी छोड़ गया – कि चाहे स्कूल वैन हो या पब्लिक ऑटो, सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही अब बर्दाश्त के बाहर है। यह समय है जब प्रशासन को ज़मीन पर उतरकर कसौटी पर कसना होगा हर जिम्मेदार एजेंसी को, ताकि आने वाला कल किसी और के लिए शोक संदेश न बने।

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