कपिल मिश्रा की मुश्किलें बढ़ी, राउज एवेन्यू कोर्ट ने FIR दर्ज करने और जांच के आदेश दिए!
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा की मुश्किलें अब और बढ़ सकती हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस को फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों के मामले में मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज करने और आगे की जांच करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद कपिल मिश्रा पर दोषी ठहराए जाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है, जबकि दिल्ली पुलिस पहले ही कोर्ट में उनकी भूमिका को लेकर आपत्ति जाहिर कर चुकी थी।
विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने कोर्ट में कहा था कि दिल्ली दंगों की साजिश में कपिल मिश्रा की भूमिका की पहले ही जांच की जा चुकी है, और दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप (DPSG) के बातचीत से यह जानकारी सामने आई थी कि चक्का जाम की योजना बहुत पहले बना ली गई थी। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि मिश्रा का नाम पहले भी विवादों में आया था, और मामले की जांच में महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। पुलिस ने सुनवाई के दौरान यह भी बताया कि कपिल मिश्रा पर दोष मढ़ने के लिए एक साजिश रची जा रही थी।
इससे पहले मोहम्मद इलियास ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। यमुना विहार के रहने वाले इलियास ने दावा किया था कि 23 फरवरी 2020 को उन्होंने कपिल मिश्रा और उनके साथियों को कर्दमपुरी इलाके में सड़क जाम करते देखा था। इस दौरान, वे रेहड़ी-पटरी वालों की गाड़ियों को तोड़ते हुए दिखाई दिए थे, जबकि तत्कालीन उत्तर पूर्व डिप्टी पुलिस कमिश्नर और दिल्ली पुलिस के अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद थे। इलियास का कहना था कि कपिल मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को खुलेआम धमकी दी थी कि अगर वे जगह नहीं खाली करेंगे तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
इस याचिका के बाद से दिल्ली पुलिस पर दबाव बढ़ा और अब कोर्ट ने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और मामले की जांच की जाए। इस फैसले के बाद दिल्ली सरकार में मंत्री की भूमिका पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं, और मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, और अब कई अन्य पहलुओं पर भी जांच की जाएगी।
इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए गए हैं, और इस कदम से यह संभावना जताई जा रही है कि कपिल मिश्रा के खिलाफ आरोपों को लेकर मामला गंभीर हो सकता है।
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